मनकापुर/गोंडा. गन्ना फसल में सामयिक कृषि कार्य की जानकारी आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र मनकापुर गोंडा के वैज्ञानिकों द्वारा आज दिनांक 16 मई 2026 को ग्राम पचपुती जगतापुर विकास खंड मनकापुर जनपद गोंडा में गन्ना फसल का भ्रमण कर सामयिक कृषि कार्य की जानकारी दी गई । डॉ. रामलखन सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक शस्य विज्ञान ने गन्ना फसल में खरपतवार प्रबंधन, सिंचाई प्रबंधन, उर्वरक प्रबंधन, एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन आदि की जानकारी दी । उन्होंने बताया कि खरपतवारों के नियंत्रण के लिए गन्ना फसल की गुड़ाई अति आवश्यक है । ग्रीष्म ॠतु होने के करण नियमित सिंचाई की अवश्यकता है । सिंचाई करने के पश्चात उचित नमी की अवस्था में यूरिया की टॉप ड्रेसिंग कर गुड़ाई कर दें । पौधों के पास मिट्टी चढ़ायें । यूरिया की अवशेष मात्रा का प्रयोग जून तक अवश्य करें । टाप ड्रेसिंग हेतु दानेदार यूरिया के स्थान पर नैनो यूरिया का प्रयोग ज्यादा लाभकारी है । गन्ना में नैनो डीएपी उर्वरक का छिड़काव गन्ना बुवाई के 60 दिन एवं 90 दिन पर किया जाता है । गन्ने की फसल में जड़ बेधक, तना बेधक एवं प्ररोह बेधक कीट का प्रकोप है । इसके नियंत्रण हेतु क्लोरेन्ट्रानिलीप्रोल 18.5 एससी की 150 मिलीलीटर मात्रा को प्रति एकड़ की दर से 400 ली. पानी में घोल बनाकर गन्ना फसल की जड़ के पास ड्रेंचिंग करेें । डा. ज्ञानदीप गुप्ता ने एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन अपनाने पर बल दिया । इस अवसर पर प्रगतिशील कृषकों नरेंद्र कुमार यादव, मनोज यादव, श्रीमती रज्जन देवी आदि ने उपस्थित रहकर खेती की तकनीकी जानकारी प्राप्त की । रिपोर्ट पवन कुमार द्विवेदी गोंडा
