फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। सर्वोदय सद्भावना संस्थान द्वारा गांधीवादी विचारक एवं विनोबा भावे के शिष्य रहे सर्वोदयी नेता पंडित सूर्यबली पांडे की 22वीं पुण्यतिथि ‘सद्भावना दिवस’ के रूप में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुरेश पांडे “संभव” ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि रामसेवक त्रिपाठी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंडित सूर्यबली पांडे के चित्र पर दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पंडित सूर्यबली पांडे जैसे त्यागी, कर्मठ, निर्भीक और ईमानदार व्यक्तित्व करोड़ों में किसी एक को ही प्राप्त होते हैं। उन्होंने देश की आजादी की लड़ाई में जेल यात्राएं कीं और आपातकाल के दौरान भी लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करते हुए जेल गए। रामसेवक त्रिपाठी ने कहा कि पंडित सूर्यबली पांडे गरीबों, मजदूरों और वंचितों की आवाज थे। उन्होंने समाज के हर वर्ग को सम्मान देने का कार्य किया और विनोबा भावे के भूदान आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 1975 में आपातकाल के दौरान जनपद प्रतापगढ़ में दूसरी आजादी की लड़ाई उनके नेतृत्व में लड़ी गई, जिसमें सैकड़ों लोग मीसा और डीआईआर के तहत जेल गए। उन्होंने कहा कि पंडित सूर्यबली पांडे का जीवन त्याग, सेवा और सद्भावना का प्रतीक था। 1977 में जनता पार्टी द्वारा लोकसभा टिकट दिए जाने के बावजूद उन्होंने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया और कहा कि “विनोबा जी कहते हैं कि चुनाव झगड़े की जड़ है। विशिष्ट अतिथि श्याम शंकर शुक्ला ने कहा कि पंडित जी आजीवन खादी वस्त्र धारण करते रहे और समाजसेवा को ही अपना धर्म मानते थे। उन्होंने बताया कि पंडित सूर्यबली पांडे ने विनोबा भावे के साथ पदयात्राएं कर भूदान आंदोलन को मजबूती प्रदान की तथा शिक्षा के प्रसार के लिए भूमि दान में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम में डॉ शाहिदा, सुरेश नारायण दुबे, रत्नेश द्विवेदी, कल्पना तिवारी, दिव्या कनक तिवारी, देवेंद्र प्रकाश ओझा एडवोकेट, डॉ वीपी त्रिपाठी, विजय प्रताप सिंह एडवोकेट, नागेंद्र मिश्रा सहित अनेक साहित्यकारों, कवियों एवं गणमान्य लोगों को आयोजक ओमप्रकाश पांडे द्वारा अंगवस्त्र, रामानुज पंचांग एवं माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि पंडित सूर्यबली पांडे का जीवन समाज के लिए प्रेरणा है और उनके बताए रास्ते पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। संचालन गंगा प्रसाद पांडे “भावुक” ने किया, जबकि अंत में संस्था के सचिव विश्वम प्रकाश पांडे ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
