फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। जिला कारागार प्रतापगढ़ में गुरुवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब बैरक संख्या-02 की छत पर लगा पंखा अचानक लकड़ी की बल्ली सहित टूटकर नीचे गिर पड़ा। हादसे में एक विचाराधीन बंदी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद जेल प्रशासन हरकत में आया और घायल बंदी को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, जहां से उसे बेहतर इलाज हेतु प्रयागराज रेफर कर दिया गया। जेल अधीक्षक ऋषभ द्विवेदी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 08 मई 2026 की रात जिला कारागार को नियमानुसार सुरक्षित रूप से बंद कराया गया था। बैरक संख्या-02 में कुल 63 बंदी निरुद्ध थे। रात लगभग 10:45 बजे बैरक के अंदर लगा सीलिंग फैन अचानक लकड़ी की बल्ली सहित टूटकर नीचे गिर गया। हादसे की चपेट में आने से विचाराधीन बंदी राजेंद्र प्रजापति उर्फ चिथरू पुत्र राम लखन प्रजापति निवासी मोला का पुरवा बरना थाना हथिगवां घायल हो गया। बंदी थाना हथिगवां में दर्ज एक मामले में न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार में निरुद्ध था। घटना के तुरंत बाद जेल चिकित्सक को बुलाया गया, जिन्होंने घायल बंदी को प्राथमिक उपचार दिया। स्थिति को गंभीर देखते हुए उसे तत्काल जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़ भेजा गया। जिला अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण के बाद बेहतर उपचार के लिए बंदी को स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। जेल प्रशासन के मुताबिक स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय प्रयागराज में घायल बंदी का इलाज जारी है और वर्तमान में उसकी हालत सामान्य बनी हुई है। हालांकि घटना के बाद जेल परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी। बंदियों के बीच भी दहशत का माहौल देखने को मिला। घटना के बाद जेल प्रशासन ने बैरकों में लगे पंखों, विद्युत उपकरणों और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच शुरू करा दी है। प्रशासन का कहना है कि पुराने उपकरणों की स्थिति का परीक्षण कराया जा रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। गौरतलब है कि हाल के दिनों में जिला कारागार में लगातार हो रही घटनाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जेल की सुरक्षा व्यवस्था, भवनों की स्थिति और बंदियों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
