उत्तर प्रदेश के कासगंज से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ 'उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल' ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की आसमान छूती कीमतों और किल्लत के खिलाफ केंद्र सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। व्यापारियों ने आज उपजिलाधिकारी (SDM) के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को एक विस्तृत मांग पत्र भेजा है।
व्यापारिक संगठन का आरोप है कि 1 मई 2026 से केंद्र सरकार ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की दरों में अप्रत्याशित वृद्धि की है। सिलेंडर की कीमत ₹2080 से बढ़ाकर सीधे ₹3171 कर दी गई है। ₹1000 से अधिक की यह बढ़ोतरी छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए "डेथ वारंट" साबित हो रही है।
ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि गैस की अनुपलब्धता और बढ़ती लागत के कारण कुटीर एवं घरेलू उद्योग ठप हो रहे हैं।होटल, ढाबा, और रेस्टोरेंट संचालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।ठेले और रेहड़ी पटरी पर खान-पान का सामान बेचने वाले छोटे व्यापारी कारोबार बंद करने को मजबूर हैं।
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की 9 सूत्रीय प्रमुख मांगें की है कि बढ़ी हुई दरों को तत्काल वापस लेकर राहत दी जाए। कमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग भी घरेलू सिलेंडर की तरह ऑनलाइन पारदर्शी बनाई जाए। गैस के विकल्प खोजने के लिए एक 'अनुसंधान कमेटी' का गठन हो। कमर्शियल गैस पर GST की दर 18% से घटाकर 5% की जाए। सिलेंडर की कृत्रिम किल्लत और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। प्रदूषण विभाग और NGT के नियमों में उद्योगों को 5 साल की विशेष छूट दी जाए। अस्पतालों और स्कूलों को उनकी आवश्यकतानुसार गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो।
मण्डल के जिलाध्यक्ष रामनन्दन वाष्णेय 'नेताजी' ने कहा कि यदि सरकार ने इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया, तो पूरे भारतवर्ष का व्यापारी समाज बड़े आंदोलन के लिए विवश होगा। इस ज्ञापन पर जिलाध्यक्ष राम नंदन वार्ष्णेय, मुरारी लाल जी वार्ष्णेय चाचा प्रदेश मंत्री, अनुज अग्रवाल, नितिन वार्ष्णेय, योगेश वार्ष्णेय, अवनीश यादव, हिरदेश माहेश्वरी, अमित माहेश्वरी, संजीव अग्रवाल आदि व्यापारी बंधु मौजूद रहे। व्यापारी एकता जिंदाबाद! यह लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है। रिपोर्ट संजय सिंह 151110069
