जिले के रविंद्र नगर थाना क्षेत्र के बेलवा मिश्र निवासी कृष्ण मिश्रा को उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) तीन दिन पूर्व इसके घर से गिरफ्तार कर लिया। इसके साथी की गिरफ्तारी के बाद कृष्णा के घर एटीएस पहुंची थी जो पाकिस्तान से संचालित नेटवर्क के संपर्क में रहकर संवेदनशील ठिकानों और वर्दीधारी व्यक्तियों पर हमले की साजिश रच रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दानियाल अशरफ (23) निवासी बाराबंकी और कृष्णा मिश्रा (20) निवासी कुशीनगर के बेलवा मिश्र गांव के रूप में हुई है। कृष्णा की गिरफ्तारी के बाद आस-पास के लोग सन्न रह गए। साथ में रहने वाली मां को भी बेटे की करतूत के बारे में जानकारी नहीं थी। बेटे की गिरफ्तारी के बाद नशा मुक्ति केंद्र में भेजे गए पिता छोटेलाल घर आ गए हैं।
इनके मोबाइल फोन से वीडियो कॉल, वॉइस नोट्स, व्हाट्सएप चैट और देश-विरोधी बातचीत के साक्ष्य मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया कि सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम के जरिए इन युवकों को फंसाया गया और उन्हें ‘हीरो’ बनाने का झांसा देकर आतंकी गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश की गई।
एटीएस की पूछताछ में खुलासा हुआ कि कृष्णा मिश्रा के मोबाइल में ऐसे वीडियो मिले हैं, जिनमें हैंडलर्स ने किसी वर्दीधारी व्यक्ति को गोली मारकर उसका वीडियो भेजने का टास्क दिया था। साथ ही रेकी का वीडियो भी बरामद हुआ है, जिसमें कृष्णा और उसके साथियों को हमले के निर्देश दिए जा रहे थे।
दानियाल अशरफ ने एक अन्य राज्य के पुलिस स्टेशन की रेकी कर उसका वीडियो भी हैंडलर्स को भेजा था और हमले के लिए पैसे व हथियार की मांग की थी। एटीएस की जांच में कृष्णा की लोकेशन बेलवा मिश्र गांव में मिल रही थी। इसके पास से जांच एजेंसी ने मोबाइल, लैपटाॅप के अलावा असलहा भी बरामद किया है।
बरामद मोबाइल में पाकिस्तानी नंबर लगातार चैटिंग व बातचीत की जानकारी मिली है। कृष्णा के इंस्टाग्राम और फेसबुक फ्रेंड लिस्ट में शामिल लोगों की गतिविधियों के बारे में स्थानीय पुलिस की मदद से एटीएस जानकारी जुटा रही है।
रिपोर्ट - फूलमती मौर्य 151188511
