- प्रयागराज में जमीनी विवाद बना हिंसा की वजह, महिलाओं समेत कई घायल
- ⚠️ दरवाजा लगाने को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष, गांव में तनाव
- 😡 विरोध करने पर लाठी-डंडों से हमला, घर में घुसकर की गई मारपीट
- 🧕 महिलाओं पर हमला, जान से मारने की धमकी—पीड़ितों का गंभीर आरोप
- 🏠 समझौते के बावजूद जबरन निर्माण, दबंगई का आरोप
- ❗ पुलिस को दी गई तहरीर, अब कार्रवाई का इंतजार
यूपी के प्रयागराज से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है। हंडिया थाना क्षेत्र के अमेपुर गांव में दरवाजा लगाने को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें महिलाओं समेत कई लोग घायल हो गए।
प्रार्थिनी हसीना बेगम पत्नी गौस अली ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि 5 मई 2026 की सुबह करीब 6 बजे गांव के ही मो० इस्लाम, रुस्तम, शाहिद, अलीराजा, अब्दुल्ला और कुलदीप समेत कई लोग मिलकर गुलाम रसूल के घर की ओर जबरन दरवाजा लगाने की कोशिश कर रहे थे। बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर दरवाजा लगाया जा रहा था, वहां से रास्ता भी गुजरता है और इसको लेकर पहले भी कई बार पंचायत हो चुकी थी, यहां तक कि समझौता भी हुआ था कि वहां दरवाजा नहीं लगाया जाएगा।
इसके बावजूद आरोप है कि दीवार की ईंटें हटाकर जबरदस्ती दरवाजा लगाया जा रहा था। जब परिवार के लोगों ने विरोध किया तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हसीना बेगम और उनका बेटा इमरान जब बीच-बचाव करने पहुंचे तो उन्हें भी बेरहमी से पीटा गया। वहीं परवीन बेगम के घर में घुसकर भी मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।
पीड़ित महिलाओं का कहना है कि उस समय घर में कोई पुरुष मौजूद नहीं था, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने हमला किया। परवीन बेगम ने बताया कि रुस्तम, शाहिद और सोनू लाठी लेकर आए और सभी को पीटना शुरू कर दिया, जबकि इस्लाम अली मौके पर मौजूद रहकर सब कुछ देख रहे थे। उनका यह भी कहना है कि पहले से समझौता था कि वहां दरवाजा नहीं लगाया जाएगा, फिर भी जबरदस्ती निर्माण कराया जा रहा था।
वहीं प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यह पूरा विवाद ग्राम प्रधान कुलदीप के उकसावे पर हुआ और उनकी मौजूदगी में ही दरवाजा लगाया जा रहा था। इस मामले को लेकर पहले भी चौकी, थाने और आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद दबंगई के बल पर निर्माण कराया जा रहा था।
फिलहाल पुलिस को मामले की सूचना दे दी गई है और पीड़ित पक्ष ने मेडिकल कराकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करती है और आरोपियों पर कब तक शिकंजा कसती है। देखे प्रयागराज से प्रदीप मिश्रा की रिपोट

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