गोला पुलिस ने मोबाइल फोन की दुकानों और अन्य स्थानों पर चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पंजाब राज्य निवासी पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक किन्नर भी शामिल है। यह गिरोह किराए के मकान में रहकर पहले रेकी करता था और फिर शादी समारोहों में शामिल होकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था।
पुलिस ने इनके कब्जे से 14 नए एंड्राॅयड मोबाइल फोन, दो की-पैड मोबाइल फोन, 1.40 लाख रुपये नकद, तीन प्रयुक्त मोबाइल फोन और चोरी में इस्तेमाल की जाने वाली लोहे की छड़ बरामद की है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
पुलिस लाइंस स्थित व्हाइट हाउस में पर्दाफाश करते हुए एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंजाब के फाजिल्का जनपद के थाना अबोहर स्थित चंदनखेड़ा निवासी सरजीत सिंह उर्फ काका, बल्लुआना निवासी जगजीत सिंह उर्फ अमन रानी (किन्नर), श्रीमुक्तसर साहिब जनपद के थाना लंबी के पंजावा निवासी मलकीत सिंह, उसकी पत्नी देवेंदर कौर तथा सदर मलौट थाना क्षेत्र के एनाखेड़ा निवासी सरबजीत के रूप में हुई है।
एसपी ने बताया कि गोला थाना क्षेत्र के नगर पंचायत वार्ड संख्या चार अतरौरा निवासी अनिल मौर्य की चंद चौराहे पर मोबाइल फोन की दुकान है। रविवार सुबह जब वह दुकान पर पहुंचे तो शटर टूटा हुआ था और दुकान से नकदी व मोबाइल फोन गायब थे।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके की जांच की और सीसीटीवी फुटेज खंगाला, जिसमें गमछा बांधे दो युवक दुकान के अंदर प्रवेश करते और बाहर निकलते दिखाई दिए। दुकानदार की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान संदिग्धों की पहचान कर पुलिस उनके किराए के कमरे पर पहुंची, जहां ताला लगा मिला।
पूछताछ में जानकारी मिली कि सभी आरोपी ऑटो से रेलवे स्टेशन की ओर गए हैं और जिले से भागने की फिराक में हैं। पुलिस ने तत्काल ऑटो चालक की मदद से सभी आरोपियों को रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चोरी की वारदात को स्वीकार कर लिया।
उनके कब्जे से चोरी का पूरा माल भी बरामद हुआ। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह शातिर तरीके से काम करता था। पहले इलाके में रेकी की जाती थी फिर छोटी खरीदारी के बहाने दुकान की गतिविधियों को समझकर वारदात को अंजाम देते थे।
चोरी से पहले दुकान से खरीदा था मोबाइल
एसपी दक्षिणी ने बताया कि चोरी से दो दिन पहले आरोपियों ने उसी दुकान से ढाई हजार रुपये का मोबाइल फोन खरीदा था, जिससे उन्हें अंदर-बाहर की पूरी जानकारी मिल गई थी। इसके बाद दुबले-पतले दो आरोपी आसानी से शटर का ताला तोड़कर अंदर घुसे और वारदात को अंजाम दिया।
छह दिनों से शहर में सक्रिय थे आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों ने यह भी बताया कि वे पिछले छह दिनों से गोरखपुर में सक्रिय थे। शुरुआत में शहर में रहकर रेकी की और बाद में गोला क्षेत्र में किराए का कमरा लेकर रहने लगे। दिन में ये लोग आसपास के इलाकों की रेकी करते और रात में डीजे पार्टियों या शादी समारोहों में शामिल होकर पहचान छिपाते थे।
वारदात के बाद बदल देते थे जिला
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह वारदात के बाद तुरंत जिला बदल देता था ताकि पकड़ से बच सके। घटना के बाद भी आरोपियों की तैयारी दूसरे जिले में भागने की थी लेकिन पुलिस की सतर्कता से पहले ही उन्हें दबोच लिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने गोरखपुर और आसपास के जिलों में और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। रिपोर्ट - फूलमती मौर्य 151188511
