ऐसे माहौल में जब तमिल सिनेमा के सुपरस्टार थलापति विजय ने राजनीति में कदम रखते हुए अपनी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम(TVK) का एलान किया। तब कई लोगों ने इसे महज स्टार पावर का विस्तार माना, लेकिन पहले ही चुनाव में अभी तक रुझानों से जो तस्वीर बनी उसने सबको चौंका दिया। तमिलनाडु विधानसभा 2026 के नतीजों में विजय की पार्टी अभी 106 विधानसभा सीटों पर लीड कर रही है।
चुनावी मैदान में उतरते ही TVK ने ऐसा प्रदर्शन किया कि वह राज्य की नंबर वन पार्टी बनकर उभरी और तमिलनाडु की राजनीति में नई बहस छेड़ दी। अब सवाल आता है कि थलापति विजय ने ऐसा क्या किया, जिससे उनकी पार्टी राज्य में नंबर वन बन गई?
वियज ने कैसे बनाई लोगों के दिलों में जगह?
22 जून 1974 को चेन्नई में जन्मे विजय का सफर किसी फिल्मी चमत्कार जैसा नहीं था। वह न रजनीकांत जैसे स्टाइल आइकन थे और न कमल हासन की तरह प्रयोगधर्मी। उनकी सबसे बड़ी ताकत सादगी और अपनापन थी।
90 के दशक में उन्होंने रोमांटिक और फैमिली फिल्मों के जरिए अपनी पहचान बनाई। दर्शकों को उनमें अपना अक्स यानी एक ऐसा लड़का दिखा, जो पड़ोस में भी मिल सकता है। यही ‘रिलेटेबिलिटी’ आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।
हर अभिनेता के करियर में एक फिल्म टर्निंग पॉइंट बनती है और विजय के लिए वह फिल्म घिल्ली थी। इस फिल्म ने उन्हें स्टार से सुपरस्टार बना दिया। इसके बाद उनकी फिल्मों की कहानी सामाजिक मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमने लगी। पर्दे पर वह आम आदमी की आवाज बनकर उभरे। उनकी फिल्मों में भ्रष्टाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दे लगातार दिखे, जिसने उन्हें सिर्फ एक एक्टर नहीं, बल्कि एक ‘वॉयस’ बना दिया।
विजय की फिल्मों के डॉयलाग राजनीतिक संदेश जैसे होते थे। हालांकि, तमिल सिनेमा में यह ट्रेंड नया नहीं था। एम.जी. रामचंद्रन ने भी फिल्मों के जरिए अपनी राजनीतिक जमीन तैयार की थी और बाद में AIADMK बनाकर सत्ता तक पहुंचे।
विजय की राजनीति में एंट्री
साल 2024 में विजय ने तमिलगा वेत्री कझगम का एलान कर राजनीति में औपचारिक एंट्री की। TVK के लॉन्च के लिए उन्होंने न पारंपरिक रैली की और न ही बड़े मंच का सहारा लिया, बल्कि साफ और सटीक मैसेजिंग के साथ शुरुआत की।
सिनेमा से दूरी बनाने के फैसले ने उनके इरादों को और मजबूत किया। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख, शिक्षा और युवाओं पर फोकस और ‘सिस्टम बदलाव’ की बात कर सीधे युवाओं को टारगेट किया। उनका जादू तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों में नजर भी आया।
TVK कैसे बनी राज्य की नंबर-1 पार्टी?
- विजय ने तमिझगा वेत्री कझगम के जरिए साफ राजनीतिक पहचान बनाई।
- अपने फैन बेस को संगठित कैडर में बदला, जो उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।
- युवाओं और पहली बार वोट करने वालों पर टारगेट कर रणनीति बनाई।
- विजय ने सोशल मीडिया और ग्राउंड कैंपेन दोनों का मजबूत कॉम्बिनेशन बनाया।
- शिक्षा, रोजगार और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लगातार उठाया।
- फिल्मों के जरिए पहले से बना ‘सिस्टम विरोधी’ इमेज राजनीति में काम आया।
- बड़े दलों DMK और AIADMK के बीच खुद को मजबूत तीसरा विकल्प बनाया।
- फैन क्लब्स को बूथ लेवल नेटवर्क में बदलकर लोगों के बीच छवि और मजबूत की।
- विजय की सादगी और क्लीन इमेज ने लोगों का भरोसा जीता।
- कम समय में तेज और रणनीतिक फैसलों से चुनावी मैदान में बड़ा असर दिखाया।
- न तीखे बयान, न व्यक्तिगत हमले, इससे उन्हें 'पॉजिटिव पॉलिटिक्स'का चेहरा मान गया।
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TVK ने जनता से क्या वादे किए?
थलापति विजय ने चुनाव प्रचार के दौरान खुद को 'सिस्टम बदलने वाले विकल्प' के तौर पर पेश करते हुए कई बड़े वादे किए। मुख्य वादे ..
- भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: जनता से पारदर्शी शासन और सख्त कार्रवाई का वादा किया।
- युवाओं के लिए रोजगार: स्किल डेवलपमेंट और नई नौकरियों का वादा किया।
- फ्री और बेहतर शिक्षा: सरकारी स्कूलों को प्राइवेट के बराबर बनाने की योजना पेश की।
- हेल्थकेयर सुधार: हर नागरिक के लिए सस्ती और सुलभ इलाज व्यवस्था करने का वादा किया।
- महिलाओं के लिए योजनाएं: सुरक्षा, आर्थिक सहायता और रोजगार के मौके देने का संकल्प जताया।
- किसानों के लिए सपोर्ट: विजय ने किसानों को कर्ज से राहत और बेहतर MSP जैसी पहल करने का एलान किया।
- डिजिटल गवर्नेंस: सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन और आसान बनाने का जिक्र किया।
- स्थानीय मुद्दों पर फोकस: पानी, सड़क, बिजली जैसी बेसिक सुविधाएं मजबूत करना का एलान।
- तमिल पहचान और संस्कृति: विजय की पार्टी ने तमिल भाषा और क्षेत्रीय गौरव को बढ़ावा देने की नीति पर काम करने का वादा किया।
- जनता-केंद्रित सरकार: फैसलों में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने का वादा किया।
अगर हमारी पार्टी चुनाव जीती तो शादी के लिए लड़कियों को आठ ग्राम सोना व दुल्हन स्पेशल सिल्क साड़ी और नवजात बच्चों को सोनू की अंगूठी देंगे। - थलापति विजय
सीधे मुनाफा का भी वादा
- महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा।
- बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग नागरिकों को हर माह 3,000 रुपये पेंशन/भत्ता देने की बात।
- राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और गुणवत्तापूर्ण बनाने का संकल्प।
- हर घर तक शुद्ध पेयजल की 100% पाइपलाइन कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने का वादा।
- 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की योजना।
- साल में 6 LPG सिलेंडर मुफ्त देने का ऐलान।
- 5 एकड़ से कम जमीन वाले किसानों के फसल ऋण को पूरी तरह माफ करने का वादा।
- महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का बिना ब्याज लोन देने की योजना।
- ग्रेजुएट युवाओं को 4,000 रुपये और डिप्लोमा धारकों को 2,500 रुपये मासिक भत्ता देने की घोषणा।
- संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) पर काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित करने का भरोसा।