आस्था, परंपरा और खेल का संगम
राजस्थान मोहम्मदपुर (खैरथल-अलवर) में बाबा हमजा पीर का वार्षिक मेला, विशाल भंडारा एवं ₹51,000 का कुश्ती दंगल बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। मेले में क्षेत्रभर से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहां लोगों ने बाबा हमजा पीर की दरगाह पर मत्था टेककर सुख-समृद्धि की कामना की।
मेले के दौरान विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। इसके साथ ही आयोजित ₹51,000 के कुश्ती दंगल ने कार्यक्रम में रोमांच भर दिया, जहां दूर-दराज से आए पहलवानों ने अपनी ताकत और दांव-पेंच का शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में पंच सुबेसिंह चौधरी एवं दयाराम चौधरी की विशेष उपस्थिति रही। वहीं, अलवर जिला उत्तर जिला अध्यक्ष महासिंह चौधरी और पूर्व सरपंच लक्ष्मीनारायण चौधरी ने कामडे के पहलवानों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।
ग्रामीणों और आयोजकों ने बताया कि यह मेला हर वर्ष क्षेत्र में आपसी भाईचारे, सांस्कृतिक एकता और खेल भावना को बढ़ावा देता है। आयोजन शांतिपूर्ण और सफल रहा, जिसमें प्रशासन का भी सहयोग सराहनीय रहा।
👉 मेले ने एक बार फिर साबित किया कि परंपरा और खेल का मेल समाज को जोड़ने का सबसे मजबूत माध्यम है। देखे अलवर से संदीप कुमार यादव की रिपोट


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