फ़ास्ट न्यूज़ इंडिया यूपी कासगंज l उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में गैस एजेंसी की लापरवाही के चलते उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मामला डिजिटल बुकिंग और जमीनी स्तर पर वितरण के बीच बढ़ते अंतर का है, जिससे आम जनता के घरों के चूल्हे ठंडे होने की नौबत आ गई है।
कासगंज स्थित एक स्थानीय गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं।कई उपभोक्ताओं ने 29 अप्रैल को अपनी गैस रिफिल बुक कराई थी। नियमों के मुताबिक डिलीवरी जल्द होनी चाहिए थी, लेकिन आज 3 मई बीत जाने के बाद भी गैस की डिलीवरी नहीं हुई है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि उनकी पर्ची काट दी गई है और हॉकरों को सौंप दी गई है। तकनीकी रूप से पर्ची कटने का अर्थ है कि सिलेंडर वितरण के लिए निकल चुका है, लेकिन असल में सिलेंडर उपभोक्ताओं तक नहीं पहुँच रहे। जब इस संबंध में एजेंसी कर्मचारियों से बात की गई, तो उन्होंने दो टूक कह दिया कि "अभी गैस नहीं मिलेगी।" वहीं, जब एजेंसी मालिक से संपर्क किया गया, तो उन्होंने मामले को टालते हुए 2 दिन बाद डिलीवरी देने का आश्वासन दिया। उपभोक्ताओं की बढ़ी चिंता
गैस वितरण में हो रही इस देरी ने एक बड़ा तकनीकी संकट खड़ा कर दिया है। गैस रिफिल की अगली बुकिंग पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही संभव होती है। यदि एजेंसी इसी तरह बुकिंग के 7 से 10 दिन बाद गैस डिलीवर करेगी, तो एक सिलेंडर का पूरा चक्र 30 से 35 दिनों तक खिंच जाएगा। इससे उन परिवारों के सामने संकट खड़ा हो जाएगा जिनका सिलेंडर महीने भर से पहले खत्म हो जाता है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि भीषण गर्मी के इस मौसम में गैस के लिए एजेंसी के चक्कर काटना और अधिकारियों की मनमानी सहना बर्दाश्त से बाहर है।
बाजार में गैस की समय पर डिलीवरी न होना और एजेंसी द्वारा स्टॉक होने के बावजूद "मना करना" कई शंकाओं को जन्म दे रहा है:–
क्या घरेलू गैस सिलेंडरों को ऊँचे दामों पर व्यावसायिक उपयोग के लिए डाइवर्ट किया जा रहा है?
क्या बुकिंग पर्ची कटने के बावजूद गैस न देना किसी बड़े घोटाले या कालाबाजारी का संकेत है?
उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग से मांग की है कि पर्ची कटने के तत्काल बाद गैस वितरण सुनिश्चित किया जाए।जानबूझकर देरी करने वाली गैस एजेंसी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई हो।बुकिंग और डिलीवरी के समय में पारदर्शिता लाई जाए।ताकि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को कालाबाजारी का शिकार होने से बचाया जा सके। रिपोर्ट संजय सिंह 151110069
