कुशीनगर। जिले के सलेमगढ़ बाजार के पश्चिम दिशा में स्थित राम जानकी मंदिर के दक्षिण में स्थित बी.आर.एम. स्कूल में एक बार फिर से विशालता के दर्शन होते हैं। स्थानीय लोगों और शिक्षाविदों ने स्कूल पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि यहां 8 साल का बच्चा भी एलकेजी और यूकेजी की कक्षा में पढ़ रहा है, जो कि बच्चों के शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है।
लोगो का कहना है कि भारतीय संविधान और शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को उनकी आयु के अनुसार कक्षा में दाखिला दिया जाना चाहिए, लेकिन बीआरएम स्कूल में इस नियम को ताक पर रखकर काम किया जा रहा है। इससे बच्चों के भविष्य का ख्याल रखा जा रहा है
इतना ही नहीं, स्कूल पर परिवहन शुल्क को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जहां अन्य निजी स्कूल सलेमगढ़ से पथरवा तक का वाहन शुल्क लगभग 500 लगता है, वहीं बीआरएम स्कूल द्वारा पथरवा तक का वाहन शुल्क लगभग ₹800 लगता है। इसमें शिक्षा के नाम पर आर्थिक शोषण के बारे में बताया गया है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते इस तरह की निजी दुकानों पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया तो यह बच्चों के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
मांग:
लोगो का शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मांग है कि ऐसे निजी स्कूलों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाए ताकि बच्चों को उनका अधिकार मिल सके। रिपोट - कपिन्जल पाठक 151045782
