बेलघाट थाना परिसर में मारपीट की शिकायत लेकर पहुंची महिला को पुलिसकर्मियों ने घसीटकर पीटा। आरोप है कि बीचबचाव करने पहुंचे उसके दोनों भाइयों को भी पीटा गया। पुलिसकर्मियों ने आरोपियों के बजाए उनका ही शांतिभंग में चालान कर दिया।
मामला संज्ञान में आने के बाद एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने दरोगा अशोक कुमार सिंह, कांस्टेबल अजय कुमार, आशुतोष तिवारी व एक अन्य कांस्टेबल को लाइनहाजिर करने के साथ ही विभागीय जांच भी बैठा दी है। जांच एसपी साउथ को सौंपी गई है।
मामला 29 अप्रैल का है। ग्राम बभनौली निवासी नेहा का आरोप है कि 29 अप्रैल की दोपहर में पुरानी रंजिश को लेकर पति सोनू के रिश्तेदार अजीत, उनकी पत्नी सीमा, सीमा की बहन और मां ने घर में घुसकर बेरहमी से उसे पीटा। उस समय घर में कोई पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था।
मारपीट में नेहा को गंभीर चोटें आईं। पीड़िता ने बताया कि वह अपने भाई के साथ शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंची। वह थाने के पास एक दुकान पर प्रार्थना पत्र लिखवा रही थीं तभी सादे कपड़ों में पहुंचे दरोगा अशोक कुमार सिंह ने उन्हें जबरन खींचकर थाने के अंदर ले जाने की कोशिश की। विरोध करने पर कथित तौर पर अश्लील भाषा का प्रयोग किया गया।
: नेहा का आरोप है कि थाने के अंदर ले जाकर सात-आठ पुलिसकर्मियों ने उन्हें बेरहमी से पीटा। लात-घूंसों, बेल्ट और डंडों से पीटा गया और गालियां दी गईं। उनकी मां और भाइयों को भी पीटा गया। यही नहीं, घटना के बाद उनका और उनके भाइयों का ही शांतिभंग में चालान कर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।
आरोप है कि पेशी के नाम पर पुलिसकर्मियों ने उससे 500 रुपये भी वसूले। इसके बाद खराब मौसम में रात आठ बजे उन्हें तहसील परिसर में छोड़ दिया गया। शुक्रवार को परिजनों के साथ पुलिस कार्यालय पहुंची पीड़िता ने एसएसपी से गुहार लगाते हुए थाने और पास की दुकान के सीसीटीवी फुटेज जांच कर कार्रवाई की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने प्राथमिक जांच के बाद बेलघाट थाने में तैनात एक दरोगा और तीन सिपाहियों को लाइनहाजिर कर दिया है।
प्रारंभिक जांच के बाद चार पुलिसकर्मियों को लाइनहाजिर कर दिया गया है। मामले की जांच एसपी साउथ को सौंपी गई है। पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी बैठा दी गई है: डॉ. कौस्तुभ, एसएसपी रिपोर्टर फूलमती मौर्य 151188511
