उम्मीद सबसे ताकतवर चीज है, लेकिन जब यह किसी मृत शरीर में जान तलाशने लगे, तो वह मंजर रूह कंपा देने वाला होता है। एक ऐसी ही हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहां परिजनों का लगाव और उनके विश्वास ने डॉक्टरों की बात को भी मानने से इन्कार कर दिया और महिला के जिंदा होने की आस में अस्पताल-अस्पताल भटकते रहे।
यहां तक कि उन्होंने झाड़-फूंक भी कराया। थक-हारकर महिला का अंतिम संस्कार कर दिया। जानकारी के अनुसार, महराजगंज जिले के नौतनवा थाना क्षेत्र के कौलही गांव में मंगलवार की रात अशोक चौरसिया की पत्नी यीशु चौरसिया (45) पशुओं को चारा डाल रही थीं। इसी दौरान वह गिर गईं और गंभीर रूप से घायल हो गईं।
परिजन मुडिला चौराहे पर स्थित एक डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर ने हालत को देखते हुए हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन नौतनवा के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक के पति अशोक चौरसिया ने बताया कि परिजन रात करीब 11 बजे शव लेकर घर चले आए। नात-रिश्तेदार को सूचना दे दी। लोग पहुंच भी गए लेकिन जब बुधवार की सुबह महिलाएं अंतिम संस्कार के लिए घर पर नहलाने लगीं। उसी वक्त मृतक की बहू साधना की साड़ी पकड़ने की बात सामने आई।
इससे परिजनों को लगा कि यीशु जिंदा हैं। बस फिर क्या था परिजन आनन-फानन में उसे लेकर नौतनवा के दूसरे सोनौली रोड पर स्थित एक निजी अस्पताल में ले गए। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया, लेकिन परिजनों को डॉक्टरों की बात पर विश्वास नहीं हुआ।
वह दोबारा मां बनैलिया मंदिर के निकट स्थित एक डॉक्टर को दिखाए। वहां पर डॉक्टरों ने फिर से ईसीजी वगैरह और अन्य चेकअप कर मृत घोषित कर दिया। इसके बाद वह अपने रिश्तेदार के वाहन से कोल्हुई स्थित एक अस्पताल ले गए। डाॅक्टरों ने चेकअप के बाद मृत घोषित कर दिया। फिर वहां से फरेंदा ले गए। वहां भी डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
बहू साधना ने कहा-नहलाते समय पकड़ लिया हाथ
मृतक यीशु चौरसिया की बहु साधना ने बताया कि जब सुबह अंतिम संस्कार के लिए सास को अंतिम स्नान कराने के लिए महिलाएं जुटी थीं। शरीर पर पानी डाल ही रही थीं कि इसी दौरान मेरी साड़ी सास ने पकड़ लिया। मैं इधर-उधर देखने लगी कि कहीं कोई बगल में कोई साड़ी तो नहीं खिंच रहा है। इसके बाद मेरी नजर उनके हाथ पर गया तब मैंने इसकी जानकारी परिजनों को दी।
वहीं, गांव की ही पुष्पा देवी ने बताया कि मैं भी अंतिम स्नान में कराने के लिए गई थी जहां देखा उसकी बहू की साड़ी एक बार पकडते हुए फिर हाथ पकड़ते हुए देखा लोग आश्चर्य में हो गए लग रहा है कि जिंदा है ऐसा पहली बार प्रतीत हुआ है। वहीं अभिमन्यु सिंह ने बताया कि मैं भी वहीं था यह घटना सुनकर बहुत आश्चर्य हुआ।
तेल की नहीं होती समस्या तो ले जाते गोरखपुर
परिजनों को यीशु चौरसिया के मृत होने का विश्वास नहीं हो पा रहा था। इसलिए वह अस्पताल-अस्पताल भटक रहे थे। बताया जा रहा है कि अपने रिश्तेदार के वाहन से वह गोरखपुर ले जाना चाह रहे थे, लेकिन रास्ते में कई जगह तेल न मिलने के कारण वह गोरखपुर नहीं ले गए। उसके जिंदा होने की आस में दो जगह झाड़फूक भी कराया। इसके बाद लोगों को विश्वास हुआ कि अब यीशु इस दुनिया में नहीं रही।
दिन में करीब तीन बजे घर लेकर पहुंचे शव
परिजन अस्पताल-अस्पताल लेकर महिला को भटकते रहे। जब हर जगह से एक ही जवाब मिला तब लोग शव लेकर घर पहुंचे। बुधवार की दोपहर बाद करीब 3 बजे शव घर लाया गया। इसके बाद परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। महिला की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रिपोर्टर फूलमती मौर्य 151188511
