दतिया के सरकारी अस्पताल में बेहद निंदनीय घटना सामने आई है। ग्राम रिनिया निवासी रश्मि पत्नी आनंद जाटव ने बच्चों को जन्म दिया। नॉर्मल डिलीवरी के बाद बच्चों की अचानक तबीयत खराब हो गई। बच्चे के पिता ने तुरंत अस्पताल के डॉक्टर एवं डॉक्टरनी से निवेदन किया कि बच्चे को समय पर सही उपचार दिया जाए, क्योंकि बच्चे को गंभीर समस्या हो रही थी।
आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर द्वारा बच्चे को पिता से छीनकर जमीन पर फेंक दिया गया, जिससे बच्चे का हाथ टूट गया। जब माता-पिता ने इस अमानवीय व्यवहार का विरोध किया, तो डॉक्टरों की टीम ने उन्हें डराया-धमकाया और कहा कि यदि इस घटना की शिकायत की गई, तो जच्चा और बच्चा सही सलामत नहीं बचेंगे।
यह घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है। एक अस्पताल, जहां जीवन बचाने का कार्य होना चाहिए, वहां इस प्रकार का व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। दोषी डॉक्टरों पर तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी गरीब और असहाय परिवार के साथ ऐसा अन्याय न हो।
हम प्रशासन से मांग करते हैं कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कठोर सजा दी जाए और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए।
डिस्क्लेमर:
उपरोक्त विवरण पीड़ित परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। इन आरोपों की सत्यता अभी प्रमाणित नहीं है और न ही प्रशासन द्वारा इसकी पुष्टि की गई है। संबंधित अधिकारियों से विनती है कि मामले का संज्ञान लेकर त्वरित जांच कराएं। हम किसी भी पक्ष के प्रति पूर्वाग्रह नहीं रखते हैं, हमारा उद्देश्य केवल कानून के शासन और न्याय की मांग करना है।

