एजेंसी कर्मचारियों ने उपभोक्ता को पीटा, ऑडियो-वीडियो सबूत के साथ न्याय की गुहार
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से भ्रष्टाचार और दबंगई का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक गैस एजेंसी के कर्मचारियों पर न केवल सरकारी राशन (गैस) को ब्लैक में बेचने का आरोप लगा है, बल्कि विरोध करने पर उपभोक्ता के साथ मारपीट और गाली-गलौज करने की शर्मनाक घटना भी सामने आई है।
पीलीभीत के ग्राम लोधीपुर निवासी एक पीड़ित ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित के अनुसार, उसकी माँ रेशमा बेगम (जो कि एक हृदय रोगी हैं) के नाम पर 'राज इण्डेन ग्रामीण वितरक' (रुरिया सलेमपुर) से गैस कनेक्शन है। पीड़ित ने 30 मार्च 2026 को सिलेंडर बुक किया था, लेकिन 20 दिनों तक एजेंसी के चक्कर काटने के बाद भी उसे गैस नहीं दी गई।
शिकायतकर्ता इज़लाल खान एडवोकेट का आरोप है कि जब वह 22 अप्रैल 2026 को 4 घंटे लाइन में लगने के बाद काउंटर पर पहुँचा, तो वहां मौजूद कर्मचारी डाल सिंह और अन्य स्टाफ ने उसके साथ धक्का-मुक्की की और भद्दी गालियां दीं। पत्र में दावा किया गया है कि कर्मचारियों ने खुलेआम चुनौती देते हुए कहा— "तुम्हारा सिलेंडर ब्लैक में बेच दिया है, तुम्हें जो करना है कर लो, तुम्हें गैस नहीं मिलेगी।"
पीड़ित ने व्यथा व्यक्त की है कि उसकी माँ हार्ट पेशेंट हैं और गैस न मिलने के कारण वह लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर हैं, जिससे उनकी सेहत और जान को गंभीर खतरा बना हुआ है। पीड़ित के अनुसार, वर्ष 2025 से अब तक उन्हें केवल 7 सिलेंडर मिले हैं, जबकि बाकी के सिलेंडर बिना रसीद या बुक पर चढ़ाए ब्लैक मार्केट में ठिकाने लगा दिए गए।
शिकायतकर्ता के पास इस पूरी बदसलूकी और भ्रष्टाचार के ऑडियो व वीडियो साक्ष्य मौजूद हैं। पीड़ित ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि गैस एजेंसी के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए।
भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों पर सख्त एक्शन हो।
जनता को लूटने वाली इस गैस एजेंसी का लाइसेंस निरस्त किया जाए।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस 'खुलेआम लूट' और बदतमीजी पर क्या कार्रवाई करता है या फिर गरीब उपभोक्ता इसी तरह सिस्टम और बिचौलियों के हाथों प्रताड़ित होता रहेगा। रिपोर्ट जियाउल हक़ खान -151173981

