फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। जनपद प्रतापगढ़ स्थित रामानुज आश्रम में माता सीता जन्मोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और वैदिक विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया। कार्यक्रम में धर्माचार्य ने माता लक्ष्मी और माता सीता के दिव्य स्वरूप एवं अवतरण से जुड़े धार्मिक प्रसंगों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के अनुसार माता लक्ष्मी ने ही माता सीता के रूप में राजा सीरध्वज (जनक) के यहां अवतार लिया था। उन्होंने बताया कि राजा जनक द्वारा हल चलाते समय भूमि से एक कुंभ में माता सीता का प्राकट्य हुआ था, जिसके कारण उन्हें ‘वैदेही’ कहा गया। धर्माचार्य ने आगे कहा कि माता सीता का जन्म पुष्य नक्षत्र और अभिजित मुहूर्त में माना जाता है तथा यह दिन सनातन परंपरा में अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना गया है। उन्होंने रामायण कालीन वंश परंपरा का उल्लेख करते हुए भगवान श्रीराम और माता सीता के दिव्य संबंधों का भी वर्णन किया।कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन किया और भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। अंत में सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।धर्माचार्य ने उपस्थित लोगों को माता सीता के आदर्शों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी और कहा कि उनके त्याग, मर्यादा और धैर्य का अनुसरण ही सच्चे जीवन का मार्ग है। उन्होंने सभी को माता सीता और प्रभु श्रीराम के नाम जप का संदेश भी दिया।कार्यक्रम के अंत में भक्तों ने एक-दूसरे को माता सीता जन्मोत्सव की बधाई दी और क्षेत्र में धार्मिक वातावरण भक्तिमय बना रहा। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
