जलवायु अनुकूलन खेती आज के समय कि मांग - नसीम अंसारी
फास्ट न्यूज इंडिया यूपी पट्टी, प्रतापगढ़। पृथ्वी दिवस सप्ताह के अवसर पर प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से स्वयंसेवी संस्था तरुण चेतना द्वारा ग्राम रामपुर बेला में पृथ्वी दिवस समारोह उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में संस्था के सदस्यों और स्थानीय ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और धरती को हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर 'तरुण चेतना' के निदेशक नसीम अंसारी ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि बढ़ते प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग के दौर में पृथ्वी को बचाना अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि हमारी अनिवार्यता बन गई है। श्री अंसारी ने जलवायु-स्मार्ट कृषि पर जोर देते हुए बताया कि यह पद्धति एक एकीकृत दृष्टिकोण है, जिसका उद्देश्य बदलते मौसम में कृषि उत्पादकता बढ़ाना, जलवायु परिवर्तन के प्रति अनुकूलन विकसित करना और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करना है। जलवायु अनुकूलन कृषि पद्धति खेती के साथ साथ पशुधन, वन और मत्स्य पालन के प्रबंधन में सुधार कर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करती है। कार्यक्रम मे पृथ्वी संरक्षण पर प्रकाश डालते हुए संस्था के उप निदेशक श्याम शंकर शुक्ला ने कहा कि वैज्ञानिक और प्राकृतिक खेती के माध्यम से हम मिट्टी की उर्वरता बनाए रख सकते हैं और जल संरक्षण को बढ़ावा दे सकते हैं। इससे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायता मिलेगी। इस अवसर पर संस्था के उप निदेशक श्याम शंकर शुक्ला ने पृथ्वी संरक्षण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्षा जल संचयन और पानी की बर्बादी रोकने के तरीकों पर चर्चा करते हुए एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक का पूरी तरह बहिष्कार करने की अपील की। इस अवसर पर ग्राम प्रधान शिवकुमारी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्राम स्तर पर छोटे-छोटे प्रयासों से बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से स्वच्छता और हरियाली बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। इसी क्रम में समाजसेवी रामआसरे वर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होना चाहिए और अपने दैनिक जीवन में ऐसे कार्य करने चाहिए जो प्रकृति के अनुकूल हों। इस मौके पर तरुण चेतना के अभियान समन्वयक हुश्नारा बानो ने कहा कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ वातावरण छोड़ना हमारा नैतिक कर्तव्य है। पृथ्वी दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि हर दिन की जीवनशैली होनी चाहिए। कार्यक्रम का संचालन बाल अधिकार परियोजना के कोऑर्डिनेटर रजनीश कुमार द्वारा किया गया। कार्यक्रम में कलावती, संस्था के सह-निदेशक हकीम अंसारी, शोभावती मौर्या, सावित्री देवी, बृजलाल वर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
