फ़ास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
ऊपर तक जाता है हिस्सा..." कहने वाले सब-रजिस्ट्रार की अब खैर नहीं, जिलाधिकारी ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश
पीलीभीत। जिला प्रशासन की 'जीरो टॉलरेंस' नीति को ठेंगा दिखाते हुए पीलीभीत तहसील में तैनात सब-रजिस्ट्रार मो. शाकिब पर भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए शनिवार को इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम जिरौनिया निवासी भूपेंद्र सिंह ने जिलाधिकारी को सौंपे शिकायती पत्र में एक रूह कंपा देने वाली घटना का जिक्र किया है। पीड़ित के मुताबिक, 22 अप्रैल 2026 को वह अपनी ग्राम सड़िया मुस्तकिल स्थित भूमि का बैनामा कराने रजिस्ट्री कार्यालय गए थे। आरोप है कि सब-रजिस्ट्रार मो. शाकिब ने सभी दस्तावेज दुरुस्त होने के बावजूद उनसे खुलेआम 'सुविधा शुल्क' (रिश्वत) की मांग की।
भूपेंद्र सिंह का आरोप है कि जब उन्होंने रिश्वत देने से इनकार किया, तो अधिकारी अपनी मर्यादा भूल गए। पीड़ित को तीन घंटे तक कार्यालय में बंधक बनाकर बैठाया गया। इतना ही नहीं, सब-रजिस्ट्रार ने धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए गए, तो बैनामे में ऐसी तकनीकी अड़चन लगा दी जाएगी कि उन्हें महीनों तक दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ेंगे।
शिकायत के अनुसार, सब-रजिस्ट्रार ने अहंकार की सारी हदें पार करते हुए कथित तौर पर यह भी कहा कि वह "ऊपर तक हिस्सा पहुंचाते हैं," इसलिए उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। अधिकारी की यह टिप्पणी सीधे तौर पर शासन और प्रशासन की साख पर सवाल उठाती है।
इस गंभीर शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने मामले की जांच अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को सौंप दी है। जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि:
"भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सब-रजिस्ट्रार के खिलाफ पहले भी जनता को परेशान करने और कार्य में हीला-हवाली की शिकायतें मिल चुकी हैं। जांच रिपोर्ट आते ही संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।"
अब देखना यह है कि क्या जांच के बाद इस 'रिश्वतखोर' तंत्र पर लगाम लगती है या फिर फाइलों में दबकर रह जाएगा यह मामला। फिलहाल, प्रशासन की इस कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। रिपोर्ट जियाउल हक़ खान -151173981
