मथुरा स्थित उत्तर प्रदेश परिवहन निगम का पुराना बस स्टैंड इन दिनों बदहाल व्यवस्थाओं का प्रतीक बनकर रह गया है। बस स्टैंड परिसर में जगह-जगह फैली गंदगी, कूड़े के ढेर और अस्वच्छ वातावरण के बीच हजारों यात्री रोजाना आवागमन करने को मजबूर हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से व्यवस्थाओं में सुधार के कोई ठोस प्रयास नजर नहीं आ रहे हैं।
भीषण गर्मी के इस दौर में यात्रियों को राहत देने के लिए लगाए गए पंखे अधिकांश स्थानों पर बंद पड़े हैं। बसों का इंतजार कर रहे यात्रियों को तेज धूप और उमस के बीच घंटों खड़ा रहना पड़ रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि यात्रियों की सुविधा के लिए बस स्टैंड परिसर में कूलर जैसी बुनियादी व्यवस्था तक उपलब्ध नहीं है, जिससे महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही वाले इस प्रमुख बस स्टैंड पर फैली गंदगी और गर्मी से बचाव के इंतजामों का अभाव परिवहन निगम की व्यवस्थाओं की पोल खोल रहा है। यात्रियों के अनुसार बस स्टैंड परिसर की हालत लंबे समय से खराब बनी हुई है, लेकिन संबंधित अधिकारियों की ओर से लगातार अनदेखी की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर प्रदेश सरकार यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर मथुरा का पुराना बस स्टैंड बदहाल व्यवस्थाओं के कारण यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। वर्तमान स्थिति न केवल यात्रियों की सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है, बल्कि परिवहन निगम की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
रिपोर्ट नंद किशोर शर्मा 151170853
