स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर चेतावनी, खराब प्रदर्शन पर प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश
फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने और संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने सख्त रुख अपनाया है। उनके नेतृत्व में कैम्प कार्यालय के सभागार में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली, योजनाओं की प्रगति और जमीनी स्तर पर हो रहे कार्यों की गहन समीक्षा की गई। बैठक में 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक संचालित विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान तथा 10 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चल रहे दस्तक अभियान की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनपद में अब तक डेंगू के 4, मलेरिया के 2 तथा फाइलेरिया के 3 मामले सामने आए हैं। जिलाधिकारी ने इन मामलों पर की गई कार्रवाई की जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि सभी संबंधित विभाग सतर्कता बरतें और रोकथाम के उपायों को और प्रभावी बनाएं। डीएम ने विभिन्न विभागों द्वारा पोर्टल पर डाटा फीडिंग की स्थिति पर असंतोष जताया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन अधिकारियों की प्रगति खराब है, उन्हें तत्काल चेतावनी जारी की जाए। मानीटरिंग में सबसे खराब प्रगति पट्टी के प्रभारी चिकित्साधिकारी की पाई गई, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए उनके विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को कड़े निर्देश देते हुये कहा कि स्वास्थ्य विभाग में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया कि जो अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्वों का सही निर्वहन नहीं कर रहे हैं, उन्हें पहले चेतावनी दी जाए और यदि सुधार नहीं होता है तो उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में परिवार नियोजन कार्यक्रमों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) ने बताया कि पुरुष एवं महिला नसबंदी, गर्भनिरोधक इंजेक्शन तथा फैमिली प्लानिंग टैबलेट के उपयोग में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इसके अलावा बैठक में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं जननी सुरक्षा योजना, आयुष्मान गोल्डन कार्ड, नियमित टीकाकरण, ई-कवच, आभा आईडी, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण, चाइल्ड डेथ समीक्षा, पोषण पुनर्वास केंद्र तथा एसएनसीयू और राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रमकृकी विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। गर्मी के मौसम को देखते हुए जिलाधिकारी ने विशेष रूप से अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का नियमित निरीक्षण किया जाए और वहां मरीजों के लिए छाया, बैठने की समुचित व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, कूलर और पंखे की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि गर्मी के कारण मरीजों की संख्या बढ़ सकती है, इसलिए अस्पतालों में आवश्यक दवाएं और ओआरएस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखी जाएं, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। जिलाधिकारी ने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों और प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने कार्यों और दायित्वों के प्रति पूरी तरह सजग रहें और जनता से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर ढंग से संचालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारियों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीएम दयाराम यादव, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ए.एन. प्रसाद सहित स्वास्थ्य विभाग के सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी, अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
