मथुरा। मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण द्वारा वृंदावन रोड स्थित कृष्णापुरम कॉलोनी वर्ष 2004 में विकसित कर प्लॉट आवंटित किए गए थे। लगभग 21 वर्ष बीत जाने के बावजूद आज भी कॉलोनी के कई प्लॉट खाली पड़े हैं, जिन पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। इन खाली प्लॉटों के कारण आसपास रह रहे लोगों में गंदगी, मच्छरों और संक्रामक बीमारियों के फैलने का गंभीर खतरा बना हुआ है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि विकास प्राधिकरण द्वारा कॉलोनी को नगर निगम को हैंडओवर किए जाने की बात कही जाती है, लेकिन इसके बावजूद आज तक खाली पड़े प्लॉटों की सफाई, घेराबंदी अथवा रखरखाव के लिए न तो विकास प्राधिकरण और न ही नगर निगम की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई की गई है। यह प्रशासनिक उदासीनता बेहद चिंताजनक है।
नगर निगम और विकास प्राधिकरण के नियमों के अनुसार खाली पड़े प्लॉटों पर गंदगी होने की स्थिति में प्लॉट स्वामियों को नोटिस जारी करने तथा निर्धारित समय सीमा में सफाई और घेराबंदी कराने का प्रावधान होता है। इसके बावजूद आज तक संबंधित प्लॉट स्वामियों को नोटिस जारी न किया जाना विभागीय लापरवाही को दर्शाता है। यदि समय रहते नोटिस जारी किए जाते, तो कॉलोनी में गंदगी की यह समस्या उत्पन्न ही नहीं होती।
इतना ही नहीं, कॉलोनी में कई स्थानों पर पुराने सीवर टैंक खुले पड़े हुए हैं, जो किसी भी समय हादसे का कारण बन सकते हैं। छोटे बच्चों और राहगीरों के लिए यह स्थिति अत्यंत खतरनाक बनी हुई है। ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित विभाग किसी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है। जबकि जिम्मेदार प्रशासन का कर्तव्य है कि संभावित खतरों को समय रहते समाप्त किया जाए।
स्थानीय नागरिकों की प्रशासन से मांग है कि—खाली पड़े प्लॉट स्वामियों को तत्काल नोटिस जारी किए जाएं खाली प्लॉटों से कूड़ा तत्काल हटवाया जाए सभी खाली प्लॉटों की घेराबंदी सुनिश्चित कराई जाए खुले पड़े सीवर टैंकों को तुरंत बंद कराया जाए कॉलोनी के रखरखाव की जिम्मेदारी स्पष्ट की जाए।
रिपोर्ट नंद किशोर शर्मा 151170853
