राजघाट थाना क्षेत्र में जालसाजों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर एक रिटायर्ड कर्मचारी से 5.50 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हांसुपुर निवासी रुपेश कुमार श्रीवास्तव, जो एक सरकारी विभाग से सेवानिवृत्त हैं, ने बताया कि 15 अप्रैल की सुबह उनके व्हाट्सएप नंबर पर वीडियो कॉल आई।
कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली एटीएएस (एंटी टेररिज्म स्कॉड) का अधिकारी बताया और कहा कि उनके बैंक खाते में एक आतंकवादी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के तहत पैसे भेजे गए हैं, जिसकी जांच करनी है।
जालसाज ने उन्हें लगातार वीडियो कॉल पर बने रहने को कहा और आधार कार्ड, पैन कार्ड व पासबुक दिखाने को कहा। पासबुक में 5.80 लाख रुपये देखकर आरोपी ने 5.50 लाख रुपये जांच के नाम पर अपने जयपुर स्थित खाते में ट्रांसफर करने को कहा और भरोसा दिलाया कि जांच के बाद रकम वापस कर दी जाएगी।
डर के चलते रुपेश श्रीवास्तव उसी दिन सुबह करीब 11 बजे हिंदी बाजार स्थित एसबीआई शाखा पहुंचकर आरटीजीएस के माध्यम से 5.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद जालसाज लगातार हर दो घंटे पर वीडियो कॉल कर उनसे ‘रिपोर्ट’ देने को कहता रहा, जिससे वह पूरी तरह भयभीत हो गए।
अगले दिन परेशान होकर उन्होंने अपने परिजनों को पूरी जानकारी दी। परिवार के कहने पर साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई। सोमवार को उन्होंने राजघाट थाने में तहरीर दी, जिस पर मुकदमा दर्ज किया गया।
पीड़ित ने बताया कि यह रकम उनके बुढ़ापे का सहारा थी, जिसे जालसाजों ने डराकर छीन लिया। इस संबंध में थाना प्रभारी पंकज गुप्ता ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच उपनिरीक्षक राजेंद्र सिंह को सौंपी गई है।
रिपोर्टर फूलमती मौर्य 151188511
