30 अप्रैल तक भुगतान नहीं हुआ तो RTE के बच्चों से फीस लेने को मजबूर होंगे संचालक, बैठक में लिया निर्णय।बयाना- आरटीई के तहत पढ़ रहे बच्चों के भुगतान को लेकर निजी स्कूल संचालकों में गहरा रोष व्याप्त है। आज की बैठक में संचालकों ने निर्णय लिया कि यदि 30 अप्रैल तक आरटीई का बकाया भुगतान नहीं किया गया तो मजबूरन बच्चों से फीस वसूली जाएगी। बैठक में सर्वसम्मति से तय हुआ कि 17 अप्रैल को सभी स्कूल संचालक एसडीएम कार्यालय एवं सीबीईओ कार्यालय पर ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्या रखेंगे। संचालकों का कहना है कि भुगतान न मिलने से गरीब बच्चों के भविष्य पर संकट आ सकता है और उनकी पढ़ाई अवरुद्ध होने की आशंका है। स्कूल संचालकों ने बताया कि भुगतान में देरी के कारण स्कूल आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कई स्कूलों में अध्यापकों एवं स्टाफ के वेतन के भी लाले पड़े हुए हैं। बैठक की अध्यक्षता गोविंद काका ने की, मुख्य अतिथि उदयभान शर्मा रहे। कार्यक्रम का संचालन नीरज सारस्वत ने किया। बैठक में अभिभावकों को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया, ताकि समस्या के समाधान के लिए संयुक्त प्रयास किए जा सकें। संचालकों ने प्रशासन से मांग की है कि आरटीई का बकाया भुगतान 30 अप्रैल से पहले जारी किया जाए, जिससे स्कूलों का संचालन सुचारू रूप से हो सके और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
