फ़ास्ट न्यूज़ इंडिया
यूपी, गोरखपुर। नगर पंचायत चौरीचौरा के वार्ड नंबर दो अंबेडकर नगर (पहाड़पुर) निवासी युवक का शव जब सात दिन बाद उसके घर पहुंचा, तो पूरे मोहल्ले में चीख-पुकार मच गई और हर आंख नम हो उठी।
मृतक की पहचान सुभाष शर्मा के इकलौते पुत्र अविनाश शर्मा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अविनाश रोजी-रोटी कमाने के लिए दुबई में रहकर काम कर रहा था। बीते सोमवार को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और देखते ही देखते उसकी मौत हो गई। इस दुखद खबर के बाद परिवार पर मानो पहाड़ टूट पड़ा।
करीब सात दिनों की प्रक्रिया के बाद रविवार को जब अविनाश का शव उसके पैतृक घर पहुंचा, तो वहां मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उसकी पत्नी की हालत बेहद दयनीय थी, जो बार-बार बेहोश हो रही थी। दो मासूम बच्चों को शायद अभी इस बात का पूरा एहसास भी नहीं था कि उनके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
गांव और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। हर कोई इस असमय हुई मौत पर दुख व्यक्त कर रहा था और परिवार को ढांढस बंधा रहा था।
इसके बाद अविनाश शर्मा का अंतिम संस्कार झंगहा स्थित गौरीघाट पर पूरे विधि-विधान के साथ किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक सरवन निषाद, पूर्व चेयरमैन ज्योति प्रकाश गुप्ता, ओबीसी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष काली शंकर यदुवंशी सहित अन्य लोगों ने भी पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की।
लोगों ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि अविनाश अपने परिवार का एकमात्र सहारा था और उसकी मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, ताकि उसके बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके।
यह घटना न केवल एक परिवार के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गहरा आघात है, जिसने एक युवा, मेहनती और जिम्मेदार बेटे को खो दिया। रिपोट - जसवीर मोदनवाल 151167985
