सहालग सीजन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट पर जांच प्रक्रिया तेज करने जा रहा है। टीमें रोजाना ऐसे संदिग्ध स्थानों की पहचान करेगी, जहां मिलावटी पनीर के निर्माण या बिक्री की आशंका अधिक है। शादियों के इस मौसम में पनीर की मांग बढ़ने के साथ मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है, जिस पर विभाग नजर बनाए हुए है।
पिछले वर्ष नवंबर, दिसंबर और इस साल जनवरी, फरवरी के लगन सीजन में विभाग की ओर से 15 से अधिक पनीर के नमूने लिए गए थे। जांच रिपोर्ट में ये नमूने अधोमानक पाए गए, हालांकि उन्हें मानव उपभोग के लिए पूरी तरह असुरक्षित नहीं माना गया था।
इसके बावजूद विभाग ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की थी। खाद्य सुरक्षा विभाग पहले भी मिलावटी पनीर के कारोबार में लिप्त विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कदम उठा चुका है। एक मामले में आरोपी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी।
इसके अलावा, जंगल छत्रधारी क्षेत्र के गुलरिहा में संचालित एक फैक्टरी को भी सील किया गया था। इस बार अभियान और अधिक सख्ती से चलाया जाएगा। टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई करें, खासकर उन छोटे व्यापारियों को जो गांवों से इस तरह का मिलावट का कार्य करते हैं।
सहालग पर मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के लिए विभाग की तैयारी चल रही है। अभी से ही शहर क्षेत्र के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। टीमें अब जाकर खाद्य गुणवत्ता के मानकों की जांच करेगी। यह अभियान बृहस्पतिवार से लगातार चलेगा: डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा
रिपोर्टर फूलमती मौर्य 151188511
