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पिछोर राजस्व विभाग में मनमानी: NH की जमीन का मुआवजा हड़पने के लिए बदल दिए सरकारी रिकॉर्ड
  • 151173825 - RAJU JATAV 0 0
    13 Apr 2026 17:59 PM



फास्ट न्यूज़ इंडिया मध्य प्रदेश शिवपुरी जिले की पिछोर तहसील इन दिनों गंभीर आरोपों के घेरे में है। राजस्व विभाग पर नियम विरुद्ध कार्यप्रणाली अपनाकर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-346) की भूमि पर अवैध तरीके से मालिकाना हक बदलने के आरोप लगे हैं। इस पूरे मामले में एक किसान परिवार को आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान करने की बात सामने आई है।

1999 के बंटवारे से शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, वर्ष 1999 में ग्राम पंचायत के प्रस्ताव के माध्यम से रघुवर लोधी और रामरतन लोधी के बीच जमीन का बंटवारा हुआ था, जो वर्षों तक सही रिकॉर्ड में दर्ज रहा। लेकिन बाद में कंप्यूटर एंट्री के दौरान हुई गलती का फायदा उठाकर वर्ष 2023 में जमीन का रकबा बदल दिया गया।

मुआवजा हड़पने के लिए सांठगांठ का आरोप

बताया जा रहा है कि NH-346 के लिए अधिसूचना जारी होने के बाद मुआवजा पाने के उद्देश्य से पटवारी और संबंधित लोगों के बीच सांठगांठ कर रिकॉर्ड में बदलाव कराया गया। इस दौरान कथित रूप से गलत रिपोर्ट प्रस्तुत कर नियमों को दरकिनार किया गया।

तहसीलदार पर अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर आदेश देने का आरोप

नियमों के अनुसार 5 वर्ष से पुराने रिकॉर्ड में सुधार का अधिकार SDM को होता है, लेकिन आरोप है कि तहसीलदार ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर 19 दिसंबर 2023 को आदेश पारित कर दिया। बाद में SDM न्यायालय ने इस आदेश को निरस्त कर दिया।

एक ही जमीन पर दो अलग फैसले, उठे सवाल

मामले में यह भी सामने आया कि एक पक्ष के आवेदन को यह कहकर खारिज कर दिया गया कि जमीन NH में शामिल है, जबकि दूसरे पक्ष के लिए उसी जमीन पर सुधार आदेश जारी कर दिया गया। इससे प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

बार-बार बदलते आदेशों से बढ़ा विवाद

SDM द्वारा पहले आदेश निरस्त करना, फिर उसी पर स्थगन देना और बाद में पुनः निरस्त करना—इन घटनाओं ने प्रशासनिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पटवारियों पर भी लगे गंभीर आरोप

मामले में पटवारियों पर फाइल रोकने, रिश्वत मांगने और यहां तक कि शासकीय फाइल घर ले जाने जैसे आरोप भी सामने आए हैं। शिकायत के बाद संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई भी की गई।

पीड़ित परिवार ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

पीड़ित रामपाल लोधी ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि:

  • संबंधित पटवारी के खिलाफ FIR दर्ज की जाए
  • दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो
  • 1999 के मूल बंटवारे को बहाल किया जाए

उन्होंने चेतावनी दी है कि न्याय नहीं मिलने पर वे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।

प्रशासन का पक्ष

SDM ममता शाक्य ने कहा है कि मामला उनकी जानकारी में लाया गया है और इसकी जांच कराई जाएगी। यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।  राजू जाटव 151173825



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