अलवर जिले के बानसूर बाजार के मध्य स्थित ऐतिहासिक बानसूर किला आज अपनी बदहाल स्थिति को लेकर चर्चा में है। कभी क्षेत्र की पहचान और गौरव का प्रतीक रहा यह किला अब प्रशासनिक अनदेखी के चलते जर्जर होता जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह ऐतिहासिक धरोहर अब धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील हो रही है और असामाजिक तत्वों का अड्डा बनती जा रही है।
वर्षों से अधूरी घोषणाएं, जमीन पर नहीं दिखा काम
बानसूरवासियों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से पंचायत और नगरपालिका बजट में किले के सुदृढ़ीकरण के लिए करोड़ों रुपये स्वीकृत होने की बातें सामने आती रही हैं, लेकिन हकीकत में आज तक कोई ठोस कार्य नजर नहीं आया। इससे क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी है।
धरोहर के साथ हो रहा अन्याय
इतिहास और संस्कृति से जुड़ी इस अमूल्य धरोहर की अनदेखी को लेकर स्थानीय नागरिकों ने इसे गंभीर विषय बताया है। उनका कहना है कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो यह किला पूरी तरह से नष्ट हो सकता है।
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
क्षेत्रवासियों ने राजस्थान के मुख्यमंत्री से विनम्र अपील की है कि बानसूर किले के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने हेतु शीघ्र प्रभावी कदम उठाए जाएं।
नेताओं व संस्थाओं को भी किया टैग
इस मुद्दे को लेकर लोगों ने , , और का भी ध्यान आकर्षित किया है, ताकि इस ऐतिहासिक स्थल को बचाया जा सके।
पर्यटन से बढ़ सकती है क्षेत्र की पहचान
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस किले का संरक्षण और विकास किया जाए तो यह बानसूर को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित कर सकता है, जिससे स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस गंभीर मुद्दे पर कब तक ठोस कदम उठाते हैं और बानसूर की इस धरोहर को उसका खोया हुआ गौरव कब वापस मिलता है। संदीप कुमार यादव 151113300
