फ़ास्ट न्यूज़ इंडिया हिमाचल प्रदेश शिमला। पंचायत अंटापू-बटाड़ी के गठन के शुभ अवसर पर रविवार को गांव में उत्साह और उल्लास से भरा विशेष समारोह आयोजित किया गया। ढोल-नगाड़ों की गूंज और ग्रामीणों की भारी उपस्थिति ने इस ऐतिहासिक पल को यादगार बना दिया। यह सिर्फ एक प्रशासनिक घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों के संघर्ष, संकल्प और समर्पण की जीत का प्रतीक बनकर सामने आया। इस उपलब्धि के केंद्र में रहे पंचायत निर्माता बलदेव शर्मा, जिन्होंने तमाम बाधाओं और चुनौतियों के बावजूद हार नहीं मानी।
सशस्त्र सीमा बल, भारत सरकार से सहायक कमांडेंट पद से सेवानिवृत्त बलदेव शर्मा ने अपने तन, मन और धन से इस सपने को साकार करने में अहम भूमिका निभाई। कई बार हालात डगमगाने वाले बने, लेकिन वे एक ‘एकल नायक’ की तरह डटे रहे और अंततः नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया। उनके अथक प्रयासों के चलते रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में बनी पांच नई पंचायतों में अढाल से अलग हुई अंटापू-बटाड़ी का नाम भी दर्ज हो गया।
पंजाब केसरी से विशेष बातचीत में बलदेव शर्मा ने कहा कि सेना में सीखे अनुशासन, नियम और कर्तव्यनिष्ठा ने उन्हें हर परिस्थिति में मजबूत बने रहने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और इरादे मजबूत हों, तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती। यह पंचायत केवल प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि गांव के विकास और आत्मसम्मान की नई शुरुआत है। इस मौके पर बलदेव शर्मा, अध्यक्ष ग्रामीण विकास समिति विनय कुमार किक्टा सहित समस्त ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, विधायक मोहन लाल ब्राक्टा पंचायती राज विभाग शिमला के निदेशक केवल राम शर्मा तथा डी.सी. शिमला अनुपम कश्यप, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष शिमला एवं युवा नेता सुरेंद्र रेटका का आभार व्यक्त किया। प्रदीप 151109037
