*रौन जनपद पंचायत में भ्रष्टाचार का खेल उजागर*
*ग्राम पंचायत सचिव के सामने सिस्टम घुटनों पर*
रौन जनपद पंचायत बना भ्रष्टाचार का अड्डा, सीईओ पर कर्मचारियों को बचाने के आरोप
अटैचमेंट का खेल या भ्रष्टाचार पर पर्दा?
बौहारा पंचायत मामला गरमाया
लाखों के घोटाले पर चुप्पी क्यों? जांच ठंडे बस्ते में, अधिकारी सवालों के घेरे में
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दे रहा सिस्टम”
आदेशों की अवहेलना!
अटैच सचिव ने किया भुगतान, फिर भी नहीं कार्रवाई
जांच टीम बनी, लेकिन रिपोर्ट गायब—क्या दबाया जा रहा है सच?
मीडिया और ग्रामीणों की शिकायतें बेअसर, कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति
भ्रष्टाचार पर लगाम या लीपापोती?
जनपद सीईओ की भूमिका पर उठे सवाल
लाखों का गबन, फिर भी सुरक्षित सचिव—किसका है संरक्षण?
गरीबों का हक लूटा जा रहा बौहारा पंचायत में उबाल
ग्रामीणों की मांग है पहले पूरी जांच हो जिससे सच्चाई का पता लग सके और भ्रष्टाचार उजागर हो सके उसके बाद नया काम पंचायत में शुरू किया जाए जब तक कोई काम की शुरुआत ना हो ग्रामीणों ने लगाई जिला पंचायत सीईओ वीर सिंह चौहान से गुहार
क्या अब पंचायत के कार्य रोके जाएगें पहले जांच होगी तब काम शुरू होंगे या फिरभ्रष्टाचार को दबाने के लिए काम के नाम पर लीपापोती करवाई जाएगी। जिससे भ्रष्टाचार दब जाए अब यह बड़ा सवाल है।
