राष्ट्रीय एकता के स्वर नाज़िश प्रतापगढ़ी को भावभीनी श्रद्धांजलि, भव्य आयोजन संपन्न
प्रतापगढ़ में नाज़िश प्रतापगढ़ी की पुण्यतिथि पर काव्यांजलि, गूंजा ‘हम एक हैं’ का संदेश
नाज़िश प्रतापगढ़ी की याद में सजा साहित्यिक मंच, सेमिनार व सम्मान समारोह आयोजित
42वीं पुण्यतिथि पर याद किए गए नाज़िश प्रतापगढ़ी, एकता और भाईचारे का दिया संदेश
प्रतापगढ़ में साहित्यिक श्रद्धांजलि: नाज़िश प्रतापगढ़ी को कवियों-शायरों ने किया नमन
फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। जनपद के सुप्रसिद्ध कवि एवं शायर नाज़िश प्रतापगढ़ी की 42वीं पुण्यतिथि के अवसर पर 10 अप्रैल की रात्रि एक भव्य श्रद्धांजलि सभा, काव्य गोष्ठी एवं सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शहर के प्रमुख कवियों, शायरों, साहित्यकारों तथा गणमान्य नागरिकों ने भाग लेकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का शुभारंभ नाज़िश प्रतापगढ़ी के प्रसिद्ध शेर—"यह चिता भी ना जला पाएगी सपने मेरे, मैं तो चंदन हूं, जलूंगा तो महक जाऊंगा..."—से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को भावुक बना दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आदित्य प्रजापति (अपर जिलाधिकारी) रहे। संरक्षक के रूप में ओम का राणा (जिला विद्यालय निरीक्षक) तथा सह-संरक्षक डॉ. दयाराम मौर्य रतन उपस्थित रहे। अध्यक्षता मोहम्मद अनम ने की। गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में सीमा भारती (उप जिलाधिकारी न्यायिक, लालगंज) एवं कटियार जी (उप जिलाधिकारी, कलेक्ट्रेट) मौजूद रहे। अति विशिष्ट अतिथि लोकेश शुक्ला (पूर्व निदेशक, आकाशवाणी इलाहाबाद) ने कार्यक्रम की शुरुआत नाज़िश प्रतापगढ़ी के कौमी तराने “हम एक थे, हम एक हैं, हम एक रहेंगे…” से की, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। उन्होंने बताया कि आकाशवाणी प्रयागराज द्वारा भी इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम का प्रसारण किया गया। इस दौरान डॉ. मोहम्मद अनीस (उप प्रधानाचार्य, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज) की ग़ज़लों की पुस्तक “मेरे अल्फ़ाज़: ग़ज़लों का गुलदस्ता” का विमोचन मुख्य अतिथि द्वारा किया गया। साथ ही उन्हें साहित्य गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि नाज़िश प्रतापगढ़ी की रचनाएं राष्ट्रीय एकता और भाईचारे का संदेश देती हैं और आज भी समाज को प्रेरित कर रही हैं। गेस्ट ऑफ ऑनर सीमा भारती ने कहा कि ऐसे आयोजन वर्तमान समय की आवश्यकता हैं और समाज को एकजुटता का संदेश देते हैं। कार्यक्रम में डॉ. शाहिदा, सुनील प्रभाकर, अनीश देहाती, नागेंद्र अनुज, रवि खंडेलवाल, गीता यादव, सलमान खुर्शीद, आनंद मोहन ओझा, शैलेंद्र मिश्रा, डॉ. विंध्याचल सिंह, धर्मेंद्र ओझा, मोहम्मद जुबेर, संतोष मिश्रा, गयासुद्दीन सहित अनेक साहित्यकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन रहबर प्रतापगढ़ी ने किया। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
