अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पल्मोनरी विभाग की आईपीडी से एक महिला मरीज अचानक गायब हो गई। इसके बाद हड़कंप मच गया। सूत्रों ने बताया कि अस्पताल में उपचार में विलंब हो रहा था इसलिए वह चली गई, जबकि एम्स का दावा है कि असमर्थ होने की वजह से मरीज की आर्थिक मदद भी की गई थी।
पिछले दिनों पल्मोनरी विभाग में ईशा पाठक (35) नाम से एक मरीज को भर्ती किया गया था। यहां मरीज का उपचार लगातार चल रहा था। इसी बीच बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे अचानक मरीज अपने बेड से लापता हो गई। एम्स प्रबंधन ने काफी तलाशा लेकिन नहीं मिली।
विभाग के बाहर सिक्योरिटी गार्ड के पास आने-जाने वालों की सूचना दर्ज की जाती है, यहां भी मरीज के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। दोपहर दो बजे के बाद भी मरीज जब बेड पर वापस नहीं आई तो विभाग से जुड़े जिम्मेदार परेशान हो गए। इसके बाद विभाग में पेशेंट रजिस्टर से मरीज और तीमारदार का नंबर निकाला गया।
प्रबंधन का दावा है कि लगातार फोन करने पर उन सभी का नंबर स्वीच ऑफ बता रहा है। एम्स के डॉ. गौरव गुप्ता ने बताया कि मरीज का शुक्रवार को ऑपरेशन होना सुनिश्चित किया गया था। मरीज की आर्थिक सहायता भी गई थी। इनका कुछ शुल्क भी बकाया रह गया, जिसका भुगतान खुद उन्होंने किया। लापता मरीज और संबंधित के खिलाफ पुलिस से भी शिकायत की गई है।
रिपोर्टर फूलमती मौर्य 151188511
