*नुनहेरा के आरी गांव में जन-आक्रोश, 10 दिनों से जमीन पर टूटे पड़े हैं बिजली के पोल और ट्रांसफार्मर*
*ग्रामीणों ने किया 'हल्ला बोल' प्रदर्शन; अंधेरे में जीवन यापन करने को मजबूर गरीब और मजदूर परिवार*
सैंपऊ उपखंड के नुनहेरा ग्राम पंचायत अंतर्गत आरी गांव में पिछले 10 दिनों से बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। गांव के कुशवाह और जाटव मोहल्ले में बिजली के पोल और ट्रांसफार्मर जमीन पर टूटे पड़े हैं, जिससे न केवल विद्युत आपूर्ति ठप है, बल्कि आम रास्ता भी पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। प्रशासन और विद्युत विभाग की इस अनदेखी के खिलाफ आज ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों की शिकायत पर 'श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत संगठन' के जिला अध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार ने आरी गांव पहुंचकर मौका मुआयना किया। उन्होंने स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि विभाग की लापरवाही के कारण गरीब मजदूर और ग्रामीण पिछले 10 दिनों से नर्क जैसी स्थिति में रहने को मजबूर हैं। अंधेरे का साया: बिजली न होने के कारण लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीण अब डीजल खरीदकर और पुराने तरीके से दीपक जलाकर रोशनी कर रहे हैं।
पानी की किल्लत: मोटरें बंद होने से पशुओं और आम जनमानस के लिए पीने के पानी का भारी संकट खड़ा हो गया है। बीमारियों का खतरा: भीषण गर्मी और लाइट न होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे क्षेत्र में बीमारियां फैलने का डर सता रहा है। शिक्षा पर असर: बिजली के अभाव में विद्यार्थियों की पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो रही है। गुस्साए ग्रामीणों ने विद्युत विभाग, स्थानीय प्रशासन और सरपंच के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से नीरज जाटव, निशांत जाटव, सुनील जाटव, परमजीत जाटव, संजय कुशवाह, रामदास कुशवाह, संदीप कुशवाह, कलूटी कुशवाह, रघुवीर कुशवाह, राजेंद्र कुशवाह, भूरो कुशवाह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था सुचारू नहीं की गई और टूटे पोल नहीं हटाए गए, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। आकाश शर्मा रुदावल की खास खबर।
