फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। रामानुज आश्रम में आयोजित धार्मिक प्रवचन के दौरान धर्माचार्य ओमप्रकाश पांडे ‘अनिरुद्ध रामानुज दास’ ने वैशाख मास के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म में वैशाख मास को अत्यंत पुण्यदायक माना गया है। इस मास में प्रातःकाल स्नान, दान और सेवा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। धर्माचार्य ने कहा कि जो श्रद्धालु पूरे माह स्नान नहीं कर पाते, वे त्रयोदशी से पूर्णिमा तक नियमपूर्वक स्नान और छत्र दान अवश्य करें। इससे मनुष्य को अक्षय पुण्य प्राप्त होता है और पापों का नाश होता है। उन्होंने हेमकान्त की कथा का उल्लेख करते हुए बताया कि प्राचीन काल में एक राजा ने अनेक पाप किए थे, लेकिन वैशाख मास में एक तपस्वी मुनि को धूप से बचाने के लिए छत्र प्रदान करने से उसके समस्त पाप नष्ट हो गए और उसे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त हुई। धर्माचार्य ने कहा कि वैशाख मास में किया गया छत्र दान, जल दान और जरूरतमंदों की सेवा विशेष फलदायी होती है। यह मास धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष प्रदान करने वाला माना गया है। अंत में उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि इस पवित्र माह में अधिक से अधिक दान-पुण्य एवं सेवा कार्य कर अपने जीवन को सफल बनाएं। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
