छात्र कल्याण संकाय, काशी विद्यापीठ द्वारा छात्राओं के सशक्तिकरण हेतु आयोजित 15 दिवसीय निःशुल्क मार्शल आर्ट्स प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्र कल्याण संकाय द्वारा छात्राओं के आत्मरक्षा, आत्मविश्वास एवं सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास के उद्देश्य से आयोजित 15 दिवसीय निःशुल्क मार्शल आर्ट्स प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने कहा कि आज के समय में छात्राओं का सशक्त होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन नहीं, बल्कि व्यक्तित्व का समग्र विकास भी है। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि मार्शल आर्ट्स जैसे प्रशिक्षण उन्हें आत्मरक्षा के साथ-साथ मानसिक दृढ़ता, साहस एवं त्वरित निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करते हैं। प्रो. त्यागी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्राओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन किया जाता रहेगा।
विशिष्ट अतिथि परीक्षा नियंत्रक दीप्ति मिश्रा ने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने में अत्यंत सहायक होते हैं। स्वागत करते हुए छात्र कल्याण संकाय के अध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार मिश्र ने कहा कि वर्तमान समय में छात्राओं के लिए आत्मरक्षा का प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने बताया कि इस 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को शारीरिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों का विकास करना है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस मौके पर सेंसेई अजीत कुमार श्रीवास्तव, अखिलेश रावत एवं अनीता श्रीवास्तव द्वारा अपनी-अपनी टीमों के साथ मार्शल आर्ट्स के उत्कृष्ट एवं प्रभावशाली प्रदर्शन प्रस्तुत किए गए। 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत रिपोर्ट संयोजक डॉ. प्रतिभा सिंह ने प्रस्तुत की। संचालन सह-संयोजक डॉ. किरण सिंह ने किया। इस अवसर पर कुलानुशासक प्रो. के.के. सिंह, प्रभारी मुख्य गृहपति डॉ. अम्बरीष राय, आईक्यूएसी निदेशक प्रो. रमाकांत सिंह, अभियांत्रिकी संकाय के निदेशक प्रो. राकेश तिवारी आदि उपस्थित रहे।
