फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। जिलाधिकारी/अध्यक्ष जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण शिव सहाय अवस्थी के निर्देशानुसार जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण प्रतापगढ़ द्वारा जनपद के 40 से ज्यादा अधिकारियों का कलेक्ट्रेट सभागार प्रतापगढ़ में ‘‘आपदा जोखिम न्यूनीकरण में विभिन्न हितधारकों की भूमिका’’ विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) आदित्य प्रजापति, उप जिलाधिकारी न्यायिक पट्टी अनुराग सिंह, उप जिलाधिकारी न्यायिक कुंडा आकांक्षा जोशी की उपस्थिति एवं सफल मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में प्रशिक्षण के दौरान मुख्य वक्ता के रूप में मनोज कुमार सिंह राज्य सलाहकार यूनिसेफ उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा संबोधन किया गया। उन्होने बताया कि जनपद प्रतापगढ़ की भौगोलिक स्थिति के अनुसार समस्त आपदाओं में क्या करें क्या ना करें सहित मुख्य रूप से वज्रपात, सर्पदंश एवं डूबने की घटना से राहत एवं बचाव के समस्त तरीको के साथ ही जनपद प्रतापगढ़ के इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम प्रणाली के द्वारा विभिन्न हित धारक संबंधित विभागों के रूल्स एंड रिस्पांसिबिलिटीज पर विस्तृत चर्चा की गई। आपदा विशेषज्ञ द्वारा एक जीवन विशेष जीवन पर चर्चा की गयी, जनपद में विभिन्न आपदाओं से होने वाली छती को न्यूनीकृत किए जाने हेतु किए जाने वाले समस्त उपाय पर विभाग पर चर्चा की गई तथा संबंधित विभागों द्वारा उक्त समस्त आपदाओ के न्यूनीकरण से संबंधित कार्य योजना तैयार किए जाने पर सहमति बनी। अग्निशमन अधिकारी द्वारा आग लगने के कारणों, आग बुझाने के सिद्वान्त पर चर्चा करते हुये रसायनिक अग्निशामक यन्त्रों को चलाये जाने का डेमो प्रस्तुत किया। सहायक उपनियन्त्रक नागरिक सुरक्षा अनुराग सिंह द्वारा शिविल डिफेन्स का आपदा में क्या महत्व है और नागरिक सुरक्षा की सेवायें व रेस्क्यू के संबंध में जानकारी प्रदान की। आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण मास्टर ट्रेनर द्वारा धुऐं में फंसे लोगों को बिल्डिंग में फंसे हुये लोगों को रेस्क्यू किये जाने का डेमो, कम्बल और बोरी से स्ट्रेचर बनाना, हीटवेव से बचाव के उपाय पर गहनता से प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम का समापन जिला आपदा विशेषज्ञ अनुपम शेखर तिवारी ने किया तथा उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि शेष जीवन को विशेष जीवन बनाने के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिससे समाज के हर नागरिक को आपदा प्रबन्धन की जानकारी प्राप्त हो सके जो कि नितान्त आवश्यक है, ताकि विषयक परिस्थितियों में जन और धन की हानि को न्यूनीकृत किया जा सके। रिपोर्ट विशाल रावत 151019094
