डेढ़ लाख आबादी का रास्ता बंद, कांग्रेस के साथ कलेक्ट्रेट पर हुंकार—प्रशासन को 60 दिन का अल्टीमेटम!
पीलीभीत की अमरिया तहसील के अंतर्गत आने वाले देवहा नदी पर बने 'भँगा पुल' की बदहाली को लेकर अब ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया है। पिछले तीन वर्षों से क्षतिग्रस्त इस पुल की एप्रोच रोड के न बनने से त्रस्त ग्रामीणों ने सोमवार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2015 में निर्मित यह पुल लगभग तीन साल पहले देवहा नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गया था। पुल की एक साइड की एप्रोच रोड पूरी तरह बह जाने के कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप पड़ा है। इस समस्या से केवल एक-दो नहीं, बल्कि भँगा, भिखारीपुर, टांडा, माधोपुर, मझलिया, पिंजरा, बरा, धुंधरी, दुरानिया, नूतपुर और सिमरिया जैसे लगभग 50 गांवों का सीधा संपर्क टूट गया है। क्षेत्र की लगभग डेढ़ लाख की आबादी इस समय भीषण संकट का सामना कर रही है। लोग या तो जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं या फिर उन्हें कई किलोमीटर की अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ रही है। इसका सीधा नकारात्मक प्रभाव क्षेत्रीय व्यापार और बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। ग्रामीणों और कांग्रेस पदाधिकारियों ने गहरा खेद व्यक्त किया कि विभाग ने इतने महत्वपूर्ण पुल की मरम्मत के लिए आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अगले 60 दिनों के भीतर पुल की एप्रोच रोड का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे पुल पर ही अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे। अपनी मांगों के पूरा न होने पर ग्रामीणों ने एकजुट होकर उग्र आंदोलन करने की हुंकार भरी है। रिपोर्ट जियाउल हक़ खान 151173981
