- सतयुग काल से चली आ रही परंपरा, प्राचीन मंदिर में लगता भव्य मेला
- अष्टमी-नवमी पर उमड़ती श्रद्धालुओं की भीड़, आस्था का केंद्र बना मंदिर
- हजारों भक्तों की आस्था का संगम, गांव में सजा पारंपरिक मेला
- पूजा-अर्चना के साथ मेले में झूले और दुकानों की रौनक
- धार्मिक आस्था और उत्साह का अनोखा संगम, प्राचीन मंदिर में मेला
- दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालु, अष्टमी-नवमी पर भक्ति में डूबा गांव
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से एक खास खबर, जहां नवरात्र के मौके पर आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। मुरादाबाद जिले के गांव सरथल खेड़ा में हर वर्ष अष्टमी और नवमी के अवसर पर एक विशाल और भव्य मेले का आयोजन किया जाता है।
नवरात्र के पावन अवसर पर एक प्राचीन मंदिर में लगने वाले मेले को लेकर क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। मेला कमेटी के सदस्यों के अनुसार, गांव में स्थित प्राचीन मंदिर की काफी मान्यता है और यहां सतयुग काल से मेला लगने की परंपरा चली आ रही है।
मेले के दौरान विभिन्न प्रकार की दुकानें सजती हैं, झूले लगाए जाते हैं और कई धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहता है। हर साल की तरह इस बार भी यह मेला आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बनकर लोगों को आकर्षित कर रहा है। देखे बनियाढेर से सुमित कुमार की रिपोट 151150761

2026032618075537080348.mp4
