बलिया में विकास कार्यों की जांच पर बवाल, दो करोड़ घोटाले का आरोप
2. किकोढ़ा गांव पहुंची जांच टीम, शिकायतकर्ता ने उठाए सवाल
3. ‘जिन मुद्दों पर शिकायत की, उनकी हुई ही नहीं जांच’ – धनंजय सिंह
4. ग्राम प्रधान ने आरोपों को बताया बेबुनियाद, ईमानदारी से काम करने का दावा
5. ‘पैसे की मांग न मानने पर लगाए गए झूठे आरोप’ – अजीत यादव
6. गांव में बंटा माहौल, कुछ ने सराहा विकास तो कुछ ने दोबारा जांच की उठाई मांग
खबर उत्तर प्रदेश के बलिया से है। जहां पंन्दह ब्लॉक के किकोढ़ा गांव में कराए गए विकास कार्यों की जांच करने पहुंची जांच टीमों ने बारीकी से जांच किया। शिकायतकर्ता धनंजय सिंह के आवेदन पर किकोढ़ा गांव में मंगलवार को जांच टीम पहुंची थी। वही मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने गांव में घूम घूम कर जांच किया। लेकिन शिकायतकर्ता धनंजय सिंह ने गांव में पहुंची जांच टीम पर ही आपोप दिया। उन्होंने कहा मै इस जांच टीमों के जांच से संतुष्ट नहीं हूं। जिन बिंदुओं पर मैंने जांच करने के लिए आवेदन दिया था।उसका जांच ही नहीं हुआ है। जो आवेदन मैं दे रहा था उस आवेदन को अधिकारियों ने लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि इस ग्राम सभा में लगभग दो करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है। शिकायतकर्ता धनंजय सिंह ने मांग किया है। कि फिर दोबारा जांच कराई जाए।वही इस संबंध में जब वर्तमान ग्राम प्रतिनिधि अजीत कुमार यादव उर्फ सोनू यादव से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं इस जांच से संतुष्ट हूं। क्योंकि जिन बिंदुओं पर विपक्षी ने आवेदन देकर आरोप लगाया था।
वह सभी कार्य मौके पर मौजूद हैं। जो भी मुझे धन मुझे सरकार से मिला उसको पूरी ईमानदारी के साथ गांव में विकास कार्य कराया हूं। विरोधियों का काम है।विरोध करना मैं जनता का सेवक हूं और हमेशा सेवा करता रहूंगा। उन्होंने यहां तक कह डाला की मुझसे पैसे की डिमांड की गई। मैंने नहीं दिया तो हमारे ऊपर गलत आरोप लगाया जा रहा है। ग्रामीण दीपक कुमार सिंह ने कहा वर्तमान ग्राम प्रधान गांव में चौमुखी विकास कराया है। उनके विकास कार्यों से गांव संतुष्ट है। जो 70 सालों में नहीं हुआ था उस कार्य को भी प्रधान जि ने कराया है। जो लोग आरोप लगाये है बेबुनियाद झूठा है। वर्तमान प्रधान के लोकप्रियता से यह लोग बौखला गए हैं। आगे उन्होंने क्या कुछ कहा देखिए बलिया से अंगद कुमार की रिपोर्ट
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