- बौहारा पंचायत में भ्रष्टाचार जांच अधूरी, 40 दिन बाद भी रिपोर्ट गायब
- 7 दिन में पूरी होने वाली जांच अब 40 दिन तक लंबित, आदेश का पालन नहीं
- सीसी रोड और नाला निर्माण का काम जमीन पर नहीं दिखा, केवल फाइलों में खेल जारी
- अटैच सचिव के दौरान पंचायत प्रभार और भुगतान प्रक्रियाएं संदिग्ध
- स्थानीय लोगों का आरोप: जांच ईमानदारी से नहीं, सच अब तक सामने नहीं आया
- 12 मार्च तक आदेश दोहराए जाने के बावजूद कार्रवाई न होना सवाल खड़ा करता है
मध्य प्रदेश के भिंड जिले की रौन जनपद से एक गंभीर खबर सामने आ रही है, जहां बौहारा पंचायत की जांच प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है।
29 जनवरी 2026 को पंचायत में भ्रष्टाचार की जांच पूरी करने के आदेश 7 दिन में पूरी करने के लिए जारी किए गए थे। लेकिन अब 40 दिन बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस गली में सीसी रोड बनना था और दूसरी में नाला बनना था, वहां जमीन पर कोई काम नजर नहीं आया। केवल फाइलों में ही खेल जारी है।
12 मार्च को जांच के लिए वही आदेश दोहराया गया, जिससे साफ है कि पहले आदेश का पालन नहीं हुआ। अटैच सचिव के दौरान पंचायत किसके भरोसे चली, किसको प्रभार दिया गया और 29 जनवरी से 12 मार्च के बीच हुए भुगतान किसने किए, इस पर अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है।
स्थानीय लोग जोर देकर कहते हैं कि अगर जांच ईमानदारी से होती, तो अब तक सच सामने आ चुका होता। लेकिन यहां केवल फाइलों में ही खेल चल रहा है। देखे मध्य प्रदेश से अंकित गुप्ता की रिपोट
20260322234158006841301.mp4
20260322234213219855537.mp4
20260322234224547836473.mp4
20260322234235532233882.mp4
20260322234316965400557.mp4
2026032223432077745161.mp4
20260322234320809252762.mp4





