ट्रैक्टर चोरी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, चार जेल भेजे गए।
बाराबंकी व सीतापुर से पांच ट्रैक्टर बरामद, किसानों के नाम पर फाइनेंस कर बेच देता था गिर
नवाबगंज (गोण्डा) स्थानीय पुलिस ने कई जिलों में सक्रिय ट्रैक्टर चोरी और हेराफेरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने गिरोह के कब्जे से पांच चोरी के ट्रैक्टर भी बरामद किए हैं।
ट्रैक्टर चोरी की घटनाओं में दर्ज मुकदमों का खुलासा करते हुए स्थानीय पुलिस ने सोमवार को एक अंतरजनपदीय गिरोह का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से चोरी के पांच ट्रैक्टर भी बरामद किए हैं।
थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि बीते वर्ष 30 मई को थाना क्षेत्र के तुलसीपुर माझा गांव निवासी अनीस सिंह ने ट्रैक्टर चोरी का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद 1 जुलाई को उसी गांव के हृदयराम और 28 अगस्त को अमेठी जिले के नसीराबाद निवासी प्रभावती ने भी अपने-अपने ट्रैक्टर चोरी होने की रिपोर्ट स्थानीय थाने में दर्ज कराई थी। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने कई दिनों तक लगातार छापेमारी और जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान पुलिस को सफलता मिली और बाराबंकी जिले से दो तथा सीतापुर जिले से तीन ट्रैक्टर बरामद कर लिए गए।गिरफ्तार अभियुक्तों में कुलदीप सिंह पुत्र अखिलेश सिंह निवासी ग्राम पूरे पसावन थाना जेठवारा जनपद प्रतापगढ़, संदीप यादव पुत्र लल्लू निवासी निवासी जगतपुर थाना बेवर जनपद मैनपुरी, रामजी वर्मा पुत्र रामबाबू निवासी भदावल थाना छाता जनपद मथुरा और संदीप यादव निवासी निवासी घसीटेपुरवा थाना बड्डुपुर जनपद बाराबंकी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार गिरोह द्वारा बेचे गए दो अन्य ट्रैक्टरों की भी तलाश की जा रही है और जल्द ही उनकी बरामदगी की उम्मीद है।
थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि गिरोह के सदस्य किसानों को अपने जाल में फंसाकर उनके नाम पर ट्रैक्टर फाइनेंस कराते थे। आरोपी खुद डाउन पेमेंट जमा कर किसानों का भरोसा जीत लेते थे और बाद में ट्रैक्टर को करीब 30 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर लेकर दूसरे जिलों में ले जाकर अधिक कीमत पर बेच देते थे। इस तरह गिरोह कई जिलों में ट्रैक्टरों की हेराफेरी कर रहा था।
इस पूरे मामले के खुलासे में उपनिरीक्षक विभव सिंह, उमेश सिंह तथा कांस्टेबल सुनील यादव, अभिषेक सिंह, अतुल सिंह, अखिलेश यादव और नितिन सिंह शामिल रहे। पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में भी जुटी हुई है।
