फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। पापमोचनी एकादशी के पावन अवसर पर प्रतापगढ़ स्थित रामानुज आश्रम में एक साहित्यिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हिंदी साहित्य के उद्भट विद्वान पंडित जयराम शर्मा “दिव्य” (जालंधर, पंजाब) ने अपनी कृति “श्रुति कीर्ति शतक” धर्माचार्य ओम प्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास को भेंट की। पंडित जयराम शर्मा “दिव्य” ने कहा कि श्रीराम कथा में मुख्य चरित्र मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का है, जबकि दशरथ, कौशल्या, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न, माता सीता, उर्मिला, मांडवी, श्रुति कीर्ति, हनुमान, विभीषण और रावण जैसे पात्र राम के चरित्र को महान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि प्राचीन ग्रंथों में कई पात्र अपेक्षाकृत उपेक्षित रह गए, जिन पर साहित्यकारों ने समय-समय पर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि विश्वकवि रवींद्रनाथ टैगोर ने “काव्येर उपेक्षता” शीर्षक लेख के माध्यम से इस विषय को उठाया था। बाद में आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी ने “उर्मिला विषयक उदासीनता” निबंध लिखकर इसे आगे बढ़ाया। उसी से प्रेरित होकर राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त ने लक्ष्मण की पत्नी उर्मिला को केंद्र में रखकर प्रसिद्ध महाकाव्य “साकेत” की रचना की। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने माता सीता की छोटी बहन श्रुति कीर्ति के चरित्र को केंद्र में रखकर “श्रुति कीर्ति शतक” की रचना की है, जिसमें उनके त्याग, मर्यादा और संस्कारों का भावपूर्ण चित्रण किया गया है। कार्यक्रम में अपनी रचना की कुछ पंक्तियाँ भी प्रस्तुत की गईं, जिन्हें उपस्थित लोगों ने सराहा। इस अवसर पर धर्माचार्य ओम प्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास ने कहा कि पंडित जयराम शर्मा “दिव्य” इससे पहले “जटायु शतक” खंडकाव्य की भी रचना कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि माता सीता की छोटी बहन श्रुति कीर्ति का चरित्र अत्यंत पवित्र और आदर्श है, जिसका यश पूर्ण रूप से वर्णित करना कठिन है। उनकी रचनाएं विभिन्न काव्य गोष्ठियों, साहित्यिक मंचों और समाचार पत्र-पत्रिकाओं में निरंतर प्रकाशित होती रहती हैं।धर्माचार्य ने पंडित जयराम शर्मा “दिव्य” को अंगवस्त्र तथा भगवान श्री जगन्नाथ जी का महाप्रसाद देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर जनपद प्रतापगढ़ के साहित्यकार-पत्रकार संभव पांडे, नारायणी रामानुज दासी तथा डॉ. अवंतिका पांडे सहित कई लोग उपस्थित रहे। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
