फ़ास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
काल बनकर आया अकेला हंसपुर स्टेशन: ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंसी महिला, खून से लाल हुई पटरियां
पीलीभीत । जिस मां ने अभी कुछ घंटे पहले मां पूर्णागिरि के दरबार में अपने बच्चों की लंबी उम्र की दुआ मांगी होगी, उसे क्या पता था कि घर पहुंचने से पहले ही मौत पटरियों पर उसका इंतजार कर रही है। गुरुवार रात पीलीभीत के अकेला हंसपुर रेलवे हॉल्ट पर एक ऐसी चीख गूंजी, जिसने वहां मौजूद हर शख्स की रूह कपा दी।
शाहजहांपुर के खुटार (ग्राम नवदिया होरीलाल) की रहने वाली 50 वर्षीय कमला देवी अपने परिवार के साथ भक्ति भाव से सराबोर होकर लौट रही थीं। ट्रेन रुकी, उम्मीद थी कि कुछ ही देर में अपने आंगन में होंगी। लेकिन जैसे ही उन्होंने नीचे कदम रखा, नियति ने उनका पैर खींच लिया। संतुलन बिगड़ते ही कमला देवी सीधे ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच के उस 'डेथ गैप' में जा गिरीं, जहां से जिंदा लौटना लगभग नामुमकिन था।
मंजर इतना भयावह था कि चश्मदीदों की मानें तो कमला देवी का एक पैर मौके पर ही कटकर अलग हो गया। लोहे की पटरियां खून से लाल हो गईं। यात्रियों और स्थानीय लोगों ने उन्हें मलबे और लोहे के बीच से जैसे-तैसे खींचकर बाहर निकाला। परिजन उन्हें लेकर बदहवास हालत में रात 10 बजे CHC पूरनपुर भागे, लेकिन तब तक कमला देवी की सांसें उनका साथ छोड़ चुकी थीं। डॉक्टरों ने उन्हें 'डेड ऑन अराइवल' घोषित कर दिया।
यह सिर्फ एक रेल हादसा नहीं है, यह एक भरे-पूरे परिवार की तबाही है। रिपोर्ट जियाउल हक़ खान -151173981
