उद्घाटन के बाद भी बसों और यात्रियों का इंतजार
ग्वालियर (मध्य प्रदेश):
ग्वालियर में करोड़ों रुपये की लागत से बनाया गया नया अंतरराष्ट्रीय बस स्टैंड उद्घाटन के बाद भी लगभग खाली पड़ा हुआ है। हालात यह हैं कि बसें और यात्री दोनों ही इस बस स्टैंड तक पहुंचने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं, जिससे करोड़ों रुपये की सरकारी परियोजना का लाभ जनता तक नहीं पहुंच पा रहा।
पुराना बस स्टैंड बदहाल स्थिति में
वहीं दूसरी ओर शहर का पुराना बस स्टैंड गंदगी और अव्यवस्था से जूझ रहा है। यहां टूटी हुई इमारतें, गंदे पानी से भरे गड्ढे और उड़ती धूल के बीच भी लोग मजबूरी में यात्रा कर रहे हैं।
बस संचालकों की अपनी दलील
बस चालकों और वाहन मालिकों का कहना है कि अगर यात्री नए बस स्टैंड पर आने लगें तो उन्हें वहां बसें ले जाने में कोई परेशानी नहीं है। उनके अनुसार मुख्य समस्या यह है कि यात्रियों की आवाजाही अभी भी पुराने बस स्टैंड पर ही बनी हुई है।
नए बस स्टैंड से बढ़ सकते हैं रोजगार के अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर नए बस स्टैंड का सही तरीके से संचालन शुरू हो जाए तो इसके आसपास नई मार्केट विकसित हो सकती है। इससे व्यापार, टैक्सी और ट्रैवल्स जैसे कई नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
विकास में राजनीति का आरोप
कुछ लोगों का मानना है कि शहर के विकास कार्यों में कई बार निजी स्वार्थ और राजनीति भी बाधा बन जाती है। सरकार द्वारा बनाए गए आधुनिक ढांचे का पूरा लाभ तभी मिल सकता है जब प्रशासन, बस संचालक और आम जनता सभी मिलकर इसे अपनाएं।
जनता की भूमिका भी जरूरी
शहर के विकास के लिए जरूरी है कि नई सुविधाओं का सही उपयोग किया जाए। अगर यात्री और बस संचालक नए बस स्टैंड का उपयोग करना शुरू कर दें तो यह परियोजना ग्वालियर के लिए बड़ा आर्थिक और परिवहन केंद्र बन सकती है। आइये देखते है हमारे संवादाता राजेश शिवहरे की रिपोट
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