वृन्दावन। वंशीवट क्षेत्र स्थित संकीर्तन भवन में श्रीसंकीर्तन भवन धार्मिक न्यास ट्रस्ट के तत्वावधान में ब्रह्मलीन संतप्रवर प्रभुदत्त ब्रह्मचारी महाराज का 36 वां द्विदिवसीय प्रभु मिलन महोत्सव एवं होली महोत्सव अत्यंत श्रद्धा व धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। जिसके अंतर्गत संतप्रवर प्रभुदत्त ब्रह्मचारी महाराज की प्रतिमा का पंचामृत से अभिषेक किया गया।साथ ही वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य पूजन-अर्चन किया गया।
इस अवसर पर आयोजित संत-विद्वत सम्मेलन में अपने विचार व्यक्त करते हुए श्रीमज्जगद्गुरु श्रीनाभापीठाधीश्वर स्वामी सुतीक्ष्णदास देवाचार्य महाराज एवं पातालपुरी पीठाधीश्वर स्वामी बालक दास महाराज (काशी) ने कहा कि गौऋषि संत शिरोमणि प्रभुदत्त ब्रह्मचारी महाराज परम निष्पृह व वीतरागी संत थे। उनके जीवन में ज्ञान व भक्ति का अद्भुद समन्वय था। उन्होंने वेदव्यासजी द्वारा रचित श्रीमद्भागवत महापुराण का ब्रजभाषा में छप्पय और दोहों के मध्य अनुवाद कर भागवत चरित नामक ग्रंथ की रचना की।इसीलिए वे व्यासावतार कहे जाते हैं।
बल्देव स्थित दाऊजी मन्दिर के पूर्व रिसीवर आर. के. पाण्डेय एवं पुराणाचार्य डॉ. मनोज मोहन शास्त्री ने कहा कि संत प्रवर प्रभुदत्त ब्रह्मचारी महाराज की गौ भक्ति, विप्र भक्ति व संत भक्ति प्रणम्य है।वे भगवद स्वरूप थे।वह धर्म व अध्यात्म जगत की बहुमूल्य निधि हैं।
भागवताचार्य गोपाल भैया महाराज व आचार्य विनय त्रिपाठी ने कहा कि हमारे सदगुरुदेव सनातन वैदिक संस्कृति के परम उपासक, राष्ट्र हित चिन्तक व गौभक्त संत थे। उन्होंने धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के साथ रहकर गौहत्या आन्दोलन का नेतृव किया।
प्रख्यात साहित्यकार यूपी रत्न डॉ गोपाल चतुर्वेदी एवं आचार्य शिवम साधक महाराज ने कहा कि संत प्रभुदत्त ब्रह्मचारी महाराज सेवा के मूर्तिमान स्वरूप थे।उन्होंने जीवन भर गौ, संत, ब्राह्मण आदि की निस्वार्थ भाव से सेवा की।उनके द्वारा स्थापित किए गए सेवा प्रकल्पों से आज भी असंख्य व्यक्ति लाभान्वित हो रहे हैं।
महोत्सव में महंत रामचंद्र दास महाराज, पण्डित उमाशंकर पाण्डेय, आचार्य मंगेश दुबे, आचार्य राजू भैया, डॉ. रमेश चंद्राचार्य विधिशास्त्री महाराज, पंडित देवकीनंदन शर्मा (संगीताचार्य), महंत सुंदरदास महाराज, भगवताचार्य गोपाल भैया महाराज, रासाचार्य स्वामी रामशरण शर्मा, डॉ. राधाकांत शर्मा, प्रवीण त्रिपाठी, आचार्य जुगल महाराज, आचार्य मुकेश मोहन शास्त्री, आचार्य बुद्धि प्रकाश शास्त्री, आचार्य शिवांश भाई, प्रमुख समाजसेवी पंजाब रत्न मनप्रीत कौर (लुधियाना), आचार्य अंशुल पाराशर, आचार्य सुरेशचन्द्र शास्त्री, आचार्य युगल किशोर कटारे, आचार्य चैतन्य किशोर, आचार्य विमल कृष्ण पाठक, आचार्य पंकज मिश्रा, सन्त निवासाचार्य एवं पार्षद सुमित गौतम आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। संचालन पण्डित बिहारीलाल शास्त्री ने किया।धन्यवाद ज्ञापन विनय त्रिपाठी एवं भागवताचार्य गोपाल भैया ने किया। इससे पूर्व प्रख्यात भजन गायक मुकुल द्विवेदी ने संगीत की मृदुल स्वर लहरियों के मध्य होली से सम्बंधित भजनों, पदों व रसियाओं का गायन किया। जिस पर समस्त भक्तों-श्रद्धालुओं ने रंग, गुलाल और फूलों की जबरदस्त होली खेली।महोत्सव का समापन संत, ब्रजवासी, वैष्णव सेवा एवं वृहद भंडारे के साथ हुआ।
रिपोर्ट नन्द किशोर शर्मा 151170853

