फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
#जियाउल हक खान डिस्ट्रिक्ट इंचार्ज फास्ट न्यूज इंडिया चैनल पीलीभीत
पीलीभीत: सोमवार को पीलीभीत जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में इलाज के दौरान 15 वर्षीय किशोर अमन की मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों-स्टाफ पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया। स्थिति बिगड़ने पर भारी पुलिस बल और सुरक्षा गार्डों को मौके पर बुलाना पड़ा।
मृतक अमन पुत्र वीरेश कुमार मौर्य, निवासी ग्राम लखनऊ कलां (बरखेड़ा थाना क्षेत्र) लंबे समय से गंभीर बीमारी से पीड़ित था। परिजनों ने पहले उसका इलाज विभिन्न निजी अस्पतालों में कराया, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार न होने पर उसे जिला अस्पताल लाया गया। अमन की हालत बिगड़ने पर पहले उसे लखनऊ रेफर किया गया था, जहां डॉक्टरों ने दिल्ली ले जाने की सलाह दी थी, लेकिन आर्थिक तंगी और अन्य कारणों से परिजन उसे दिल्ली नहीं ले जा सके। सोमवार सुबह उसे दोबारा जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया।
परिजनों का आरोप है कि सोमवार को भर्ती होने के बाद डॉक्टरों ने अमन की स्थिति पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। इलाज के दौरान दोपहर में उसकी मौत हो गई। बेटे की मौत की खबर सुनते ही परिजनों ने अस्पताल स्टाफ और डॉक्टरों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी तथा हंगामा कर दिया।
हंगामे की सूचना मिलते ही अस्पताल के सुरक्षा गार्ड मौके पर पहुंचे, लेकिन मामला बढ़ता देख पुलिस को सूचित किया गया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
हंगामे के बाद पुलिस ने कानूनी कार्रवाई के तहत शव का पोस्टमार्टम कराने का प्रस्ताव दिया ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके। हालांकि, मृतक किशोर के पिता और अन्य परिजनों ने किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई या पोस्टमार्टम से साफ इनकार कर दिया। परिजनों के लिखित अनुरोध के बाद पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम के शव उन्हें सौंप दिया।
यह घटना जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज की मौत और उसके बाद होने वाले हंगामे का एक और उदाहरण है, जहां परिजन अक्सर लापरवाही का आरोप लगाते हैं।
