फास्ट न्यूज़ इंडिया उत्तराखंड गदरपुर। जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर एवं मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशों के क्रम में ग्रीष्मकालीन धान (साठे धान) की खेती के विरुद्ध प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। शुक्रवार को उपजिलाधिकारी गदरपुर की अध्यक्षता में राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने मदनपुर और बरीराई क्षेत्रों में छापेमारी कर अवैध रूप से उगाई जा रही धान की पौध को नष्ट करने की कार्रवाई की।
मदनपुर क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान टीम ने 0.151 हेक्टेयर में लगी धान की नर्सरी को ट्रैक्टर चलाकर नष्ट कर दिया। साथ ही, मौके से करीब एक क्विंटल धान का बीज भी जब्त किया गया, जिसे नई पौध उगाने के लिए रखा गया था। इसके बाद टीम जब बरीराई क्षेत्र में 0.405 हेक्टेयर में बोई गई पौध को नष्ट करने पहुँची, तो उन्हें किसानों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा।
विवाद बढ़ता देख एसडीएम और तहसीलदार ने किसानों को समझाया कि ग्रीष्मकालीन धान की अनुमति केवल उन्हीं विशिष्ट क्षेत्रों में है जहाँ भूमि दलदली होने के कारण कोई अन्य फसल उगाना संभव नहीं है। प्रशासनिक सख्ती के बाद किसान नरम पड़े और सहायक कृषि अधिकारी अनिल अरोड़ा को लिखित शपथ पत्र सौंपा। किसानों ने वचन दिया कि यदि 7 मार्च तक शासन से उन्हें विशेष अनुमति प्राप्त नहीं होती है, तो वे स्वयं ही अपनी पौध नष्ट कर देंगे या प्रशासन द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर कोई आपत्ति नहीं जताएंगे।
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना अनुमति ग्रीष्मकालीन धान लगाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने अपील की है कि जल संरक्षण और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए केवल दलदली भूमि वाले किसान ही नियमों के अधीन विकल्प तलाशें।शाहनूर अली स्टेट ब्यूरो चीफ उत्तराखंड 151045804


