फास्ट न्यूज़ इंडिया उत्तराखंड गदरपुर। उत्तराखंड की सियासत में इन दिनों गदरपुर विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय केंद्र बिंदु बने हुए हैं। प्रदेश से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक उनकी सक्रियता ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल पैदा कर दी है। घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब बीते कल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट अचानक अरविंद पांडेय के आवास पर पहुंचे और बंद कमरे में लंबी मंत्रणा की। इस मुलाकात की तपिश अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अगले ही दिन पांडेय दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के दरबार में नजर आए।
राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ करीब 40 मिनट तक चली इस अहम और एकांत मुलाकात ने कई सियासी कयासों को जन्म दे दिया है। राजनीतिक पंडित इसे महज एक शिष्टाचार भेंट मानने को तैयार नहीं हैं, क्योंकि एक महीने के भीतर पांडेय की राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ यह दूसरी बड़ी बैठक है। जानकारों का मानना है कि जिस तरह से प्रदेश अध्यक्ष खुद चलकर पांडेय के द्वार पहुंचे और फिर तत्काल उन्हें दिल्ली बुलाकर समय दिया गया, वह संगठन में उनके बढ़ते कद और किसी बड़ी जिम्मेदारी की ओर साफ इशारा कर रहा है।
होली के त्यौहार से ठीक पहले बढ़ी इस सियासी सरगर्मी ने विरोधियों के खेमे में भी बेचैनी बढ़ा दी है। चर्चा है कि गदरपुर के इस दिग्गज नेता के लिए हाईकमान ने कोई विशेष 'पॉलिटिकल ब्लूप्रिंट' तैयार किया है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसे एक शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है, लेकिन गलियारों में गूँज रही चर्चाएं कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं। अरविंद पांडेय की दिल्ली दरबार में मजबूत होती पैठ यह संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में उत्तराखंड की राजनीति के समीकरण पूरी तरह बदलने वाले हैं और इस नई पटकथा के मुख्य नायक वही होंगे। शाहनूर अली स्टेट ब्यूरो चीफ उत्तराखंड 151045804
