सबसे कमाल तो यह है कि नंदगांव के पुरुषों को बरसाना की महिलाओं द्वारा खास तौर पर होली खेलने के लिए न्योता भेजा जाता है। टेसू और पलाश के फूलों से बने रंगों से होली खेलने की तैयारी की जाती है। यहां तक कहा जाता है कि फागुन चढ़ते ही नंदगांव से होरियारों की ओर से बरसाना की होरियारिनों के लिए देसी घी भेजा जाता है जिससे वे ताकत से उन पर लाठी बरसा सकें।इस दौरान श्री राधा और कृष्ण की प्रेम वार्ता पर आधारित पारंपरिक लोक गीत और रसिया गाए जाते हैं। ब्रज की हर स्त्री उमंग और उल्लास में राधारानी हो जाती है और पुरुष कान्हा। बरसाना की महिलाएं हुरियारों को लाठी से मारती हैं, जबकि पुरुष खुद को बचाने की कोशिश करते हैं। यदि कोई पुरुष पकड़ा जाता है, तो उसे रसिया गाते हुए मनाई जाती है।
20260225190232460113883.mp4
20260225190250598406836.mp4
20260225190328051848087.mp4
