दामाद और पड़ोसी ने मिलकर रची थी दोहरे हत्याकांड की साजिश
मैनपुरी (उत्तर प्रदेश)।
बरनाहल थाना क्षेत्र के गांव फूलापुर में आठ दिन पहले हुए किसान दंपति की नृशंस हत्या और लूट की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस दोहरे हत्याकांड में चौंकाने वाला सच सामने आया है कि हत्या किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि परिवार से जुड़े व्यक्ति ने ही पड़ोसी के साथ मिलकर अंजाम दी थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक किसान महेश चंद्र और उनकी पत्नी अनीता देवी की हत्या आर्थिक तंगी और पुरानी रंजिश के चलते की गई थी। इस सनसनीखेज़ वारदात में मृतक के चचेरे भाई का दामाद अर्जुन और पड़ोसी आनंद शामिल थे।
रात के सन्नाटे में खौफनाक वारदात
पुलिस के अनुसार 26 जनवरी की रात दोनों आरोपी गांव फूलापुर में स्थित महेश चंद्र के घर पहुंचे। उन्होंने पड़ोसी रामलखन के मकान के पीछे से सीढ़ी लगाकर घर में प्रवेश किया। उस समय महेश चंद्र हाल में और उनकी पत्नी अनीता देवी कमरे में सो रही थीं।
आरोप है कि सबसे पहले आनंद ने तमंचा महेश चंद्र की कनपटी पर रखकर गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर जब अनीता देवी जागीं, तो पहले से तैयार अर्जुन ने उन्हें भी गोली मार दी। कुछ ही पलों में घर खुशियों से नहीं, बल्कि मौत के सन्नाटे से भर गया।
हत्या के बाद लूट, फिर फरारी
हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने घर की अलमारी और बिस्तर में रखे आभूषण समेट लिए। लूटे गए गहनों की कीमत करीब पांच लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
अगली सुबह गांव में दहशत फैल गई। मृतक के पुत्र ललित की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
पांच टीमों ने की जांच, खुला राज़
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एएसपी ग्रामीण राहुल मिठास के नेतृत्व में पांच पुलिस टीमों का गठन किया गया। जांच के दौरान मोबाइल कॉल डिटेल, आपसी संबंधों और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा गया, जिसके बाद साजिश का पर्दाफाश हुआ।
पुलिस पूछताछ में अर्जुन और आनंद ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उनकी निशानदेही पर लूटे गए आभूषण और घटना में प्रयुक्त दोनों तमंचे भी बरामद कर लिए गए।
रंजिश की जड़: अपमान और सामाजिक ताने
पूछताछ में आरोपी आनंद ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि परिवार की एक युवती के अन्य जाति के युवक के साथ चले जाने के बाद उसे और उसके परिवार को ताने सुनने पड़ते थे। महेश चंद्र और उनके स्वजन भी उसे ताने देते थे।
इसके अलावा जब आनंद ने अपने छोटे भाई की शादी के लिए महेश चंद्र से बात की, तो कथित तौर पर उसे अपमानजनक जवाब मिला। यही बात उसके मन में रंजिश बन गई, जो आगे चलकर इस जघन्य अपराध का कारण बनी।
आर्थिक तंगी भी बनी हत्या की वजह
दूसरी ओर अर्जुन आर्थिक रूप से कमजोर था और अक्सर अपनी ससुराल में रहता था। इसी दौरान उसकी आनंद से नजदीकियां बढ़ीं। एक ने बदला लेना चाहा, तो दूसरे ने अपनी आर्थिक हालत सुधारने का सपना देखा—और दोनों ने मिलकर हत्या और लूट की साजिश रच डाली।
आरोपी जेल भेजे गए
पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस खुलासे के दौरान पुलिस लाइन सभागार में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
✦ संपादकीय टिप्पणी
यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि यह दिखाती है कि रिश्तों में दरार, सामाजिक ताने और आर्थिक दबाव कैसे इंसान को हैवान बना देते हैं। परिवार और समाज के भीतर पनपती ऐसी कड़वाहटें अगर समय रहते नहीं सुलझीं, तो परिणाम बेहद भयावह हो सकते हैं।
