भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। निगरानी की टीम निगरानी डीएसपी अखिलेश कुमार और कृपाल चंद्र जायसवाल के नेतृत्व में टीम ने समस्तीपुर जिला के विद्यापतिनगर और उजियारपुर प्रखंड के प्रभारी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (एम ओ ) राजेश कुमार भगत को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी एमओ के दलसिंहसराय के काली चौक स्थित किराए के आवास से की गई है।
अतिरिक्त आवंटन के बदले मांगी थी रिश्वत
मिली जानकारी के अनुसार, पूरा मामला जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के दुकानदारों से जुड़ा है। विद्यापतिनगर प्रखंड के मनियारपुर पंचायत निवासी स्व स्व रामसेवक सिंह के पुत्र डीलर राम इकबाल सिंह ने निगरानी विभाग को शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि एमओ राजेश कुमार भगत राशन के अतिरिक्त आवंटन और उठाव की प्रक्रिया को सुचारू रखने के एवज में कुल 31,000 रुपये की रिश्वत की मांग कर रहे थे। निगरानी विभान ने 23 फरवरी को डीलर के आवेदन का सत्यापन करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर सोमवार की रात से ही जाल बिछाकर मंगलवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया।
किस्तों में तय हुआ था सौदा
भ्रष्टाचार के इस खेल में रिश्वत की राशि किस्तों में तय की गई थी। बताया जा रहा है कि रिश्वत की पहली किस्त का भुगतान पांच दिन पूर्व ही किया जा चुका था। मंगलवार को दूसरी किस्त के रूप में 10,000 रुपये का भुगतान होना तय था। जैसे ही डीलर ने काली चौक स्थित आवास पर एमओ को केमिकल युक्त नोटों की गड्डी थमाई, पहले से घेराबंदी कर रही निगरानी की टीम ने उन्हें दबोच लिया।
इलाके में मचा हड़कंप
गिरफ्तारी के बाद निगरानी की टीम एमओ राजेश कुमार भगत को अपने साथ पटना ले गई है, जहां कागजी कार्रवाई के बाद उन्हें विशेष कोर्ट में पेश किया जाएगा। राजेश कुमार भगत के पास विद्यापतिनगर के साथ-साथ उजियारपुर प्रखंड का भी अतिरिक्त प्रभार था। इस बड़ी कार्रवाई के बाद प्रखंड मुख्यालय से लेकर जिला प्रशासन तक में हड़कंप मच गया है। खास तौर पर आपूर्ति विभाग के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच इस कार्रवाई को लेकर दिन भर चर्चा बनी रही।
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